
मध्यप्रदेश के देवास जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब से लोगों की मौत की जांच कर रही पुलिस ने कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया है. प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल को अपराध के दुष्प्रेरण और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार (03 नवंबर) को यह जानकारी दी.
अधिकारी ने बताया कि इंदौर निवासी कांग्रेस नेता के बेटे अमन कासलीवाल को शराब गिरोह के सरगना को केमिकल आपूर्ति के आरोप में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था. देवास के कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने मीडिया को बताया कि जांच के दौरान आनंद जैन कासलीवाल की मामले में कथित संलिप्तता के सबूत मिले हैं.
आनंद जैन ने केमिकल के स्टॉक रिकॉर्ड हटाने के दिए थे निर्देश- पुलिस
उन्होंने कहा, ‘‘जिस निजी फर्म ने शराब गिरोह के सरगना अजय राठौर को केमिकल आपूर्ति की थी, वह वैसे तो कासलीवाल के बेटे अमन के नाम पर है, लेकिन असल में फर्म का संचालन और निगरानी उसके पिता आनंद जैन कासलीवाल करते थे.’’ चौरसिया के मुताबिक, जहरीली शराब कांड को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस ने जब फर्म से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया, तो आनंद जैन कासलीवाल ने मजदूरों को केमिकल के स्टॉक के रिकॉर्ड हटाने के कथित निर्देश दिए थे.
ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद कासलीवाल अस्पताल में भर्ती
थाना प्रभारी ने बताया कि कांग्रेस नेता को अपराध के दुष्प्रेरण और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों में आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आनंद जैन कासलीवाल ने ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत की जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें देवास के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया.
आनंद जैन कासलीवाल ने अपने बेटे को बताया था बेकसूर
गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले, आनंद जैन कासलीवाल ने अपने बेटे अमन को बेकसूर बताते हुए दावा किया था कि उनकी पारिवारिक फर्म ने एक ग्राहक को पक्के बिल पर 220 लीटर पेंट थिनर (पेंट पतला करने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल) की आपूर्ति की थी. ग्रामीणों के मुताबिक देवास जिले में चंदाना, बिंजाना और आस-पास के इलाकों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हुई.
जीतू पटवारी ने क्या किया दावा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि इन इलाकों में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हुई और कम से कम 40 लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि क्रमश: 15 और 18 अक्टूबर को चंदाना गांव में कथित तौर पर शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत की सूचना जिला अस्पताल से मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई.
अधिकारी ने कहा,‘‘मुख्य आरोपी अजय राठौर ने एआई की मदद से घर में शराब बनाने की विधि खोजी और इंदौर की निजी फर्म से केमिकल मंगवाया. उसने केमिकल और पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की तथा कबाड़ियों से लाइसेंसी शराब की खाली बोतलें हासिल कीं. इसके बाद आरोपियों ने नकली शराब को असली शराब में मिलाकर स्थानीय स्तर पर लोगों को अवैध तौर पर बेचा.’’
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