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‘जल्द खत्म होने वाला है अमेरिका-ईरान युद्ध’, ट्रंप का दावा- टेबल पर है नई डील | trump-signals-end-us-iran-war-direct-negotiations-pentagon-report-damage



वॉशिंगटन:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान युद्ध के जल्द से जल्द ‘खत्म’ होने का दावा किया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है, क्योंकि नई डील टेबल पर है. ट्रंप का यह बयान अगले हफ्ते से होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) से पहले आया है. ट्रंप ने कहा कि वह खाड़ी देशों के नेताओं के साथ अहम बातचीत कर रहे हैं, ताकि युद्ध के बाद की रणनीति बनाई जा सके.

ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ अमेरिका का मामला लगभग खत्म होने वाला है.

ईरान युद्ध के खात्मे को लेकर ट्रंप ने इस तरह का दावा पहली बार नहीं किया है. ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि डील पर बातचीत हो रही है और जल्द ही युद्ध खत्म हो सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच जून में एक MoU पर साइन हुए थे, ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके. लेकिन यह समझौता कुछ ही दिन में टूट गया था.

ट्रंप ने अब क्या कहा?

नॉर्थ कैरोलिना की यात्रा के दौरान जब एक पत्रकरा ने जब ईरान युद्ध को लेकर सवाल किया तो ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा, ‘उम्मीद है कि हम युद्ध के अंत की ओर बढ़ रहे हैं.’ ट्रंप ने कहा, ‘ ईरान समझौता करना चाहता है. देखते हैं कि यह कैसे काम करता है.’

जब उनसे पूछा गया कि क्या तेहरान के साथ बातचीत में कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता कर रहा है, तो ट्रंप ने बैकचैनल डिप्लोमेसी के बात को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरानी अधिकारियों के साथ ‘सीधे’ बातचीत कर रहा है.

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क्या वाकई समझौता होने वाला है?

अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से एक स्थायी समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. लेकिन दोनों की जिद के कारण समझौता हो नहीं पा रहा है.

28 फरवरी से शुरू हुआ अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अभी भी जारी है. ट्रंप ने अमेरिकी हमलों का बचाव करते हुए दावा किया था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए ये जरूरी है. 

ट्रंप ने पिछले महीने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था, ‘ईरान आधिकारिक तौर पर एक फेल्ड नेशन है.’ उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास कोई नौसेना और कोई वायु सेना नहीं है, और साथ ही इसके नेतृत्व को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त बताया था.

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अमेरिका को भी हो रहा नुकसान

लेकिन तस्वीरें संघर्ष के दूसरी ओर हुए नुकसान की एक अलग कहानी बयां करती हैं. मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. CBS न्यूज ने पिछले हफ्ते रिपोर्ट दी थी कि जॉर्डन में मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस पर ईरान के हमलों से कई अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक A-10 थंडरबोल्ट भी शामिल था जिसका एक विंग टूट गया था.

घटना की सीधी जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, लगभग आठ F-15 फाइटर जेट्स को मामूली नुकसान पहुंचा और बाद में उन्हें फिर से सर्विस में लगा दिया गया. प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी पहले जबरदस्त हमला हो चुका है.

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ पर कांग्रेस को दी गई रक्षा मंत्रालय के इंस्पेक्टर जनरल की पहली रिपोर्ट के अनुसार, US सेंट्रल कमांड ने आठ देशों- कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमलों की जानकारी दी.

CBS न्यूज के अनुसार, इंस्पेक्टर जनरल ने नुकसान का अनुमान 3.7 अरब डॉलर तक लगाया है, जिसमें लगभग 60 विमान शामिल हैं.

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