
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में स्वाइन फ्लू खतरा मंडरा रहा है. इसकी चपेट में आने से 68 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई. स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यह छिंदवाड़ा में इस साल स्वाइन फ्लू से मौत का पहला मामला है. सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि छिंदवाड़ा के पास अतरवाड़ा में रहने वाले व्यक्ति को खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद 19 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को व्यक्ति की जांच रिपोर्ट में उसके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे अलग वार्ड में ट्रांसफर कर दिया गया. डॉ. दुबे के मुताबिक, व्यक्ति ने मंगलवार (29 सितंबर) को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उन्होंने कहा, “बुधवार शाम मिली व्यक्ति की संक्षिप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू को मौत का कारण बताया गया है.”
मृतक के परिजनों ने क्या बताया?
मृतक के परिजन ने बताया कि व्यक्ति कई दिनों से अस्वस्थ था और जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद एहतियात के तौर पर उसे अन्य मरीजों से अलग रखा गया था. अधिकारियों के अनुसार, व्यक्ति की मौत के बाद अलग वार्ड को सैनिटाइज कर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और चिकित्सकों एवं अस्पताल के कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
डॉ. दुबे ने कहा कि फिलहाल मृतक के किसी अन्य मरीज के संपर्क में आने या उसकी यात्रा संबंधी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. उन्होंने बताया कि जिले में इस साल स्वाइन फ्लू से पहली मौत दर्ज की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर अब सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है.
डॉक्टरों ने क्या कहा?
चिकित्सकों ने बताया कि एच1एन1 संक्रमण को आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है. इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल है. लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, भ्रम की स्थिति या लक्षणों के बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता होती है.
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