
हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल को करीब 133 दिनों के इंतजार के बाद नया नेतृत्व मिल गया है. बुधवार को बार काउंसिल के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के प्रतिनिधि का चुनाव संपन्न हुआ. वरिष्ठ अधिवक्ता आईएन मेहता को बार काउंसिल का चेयरमैन चुना गया, जबकि शिवानी शर्मा वाइस चेयरमैन निर्वाचित हुईं.
वहीं, विक्रांत चंदेल को बार काउंसिल ऑफ इंडिया में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. पदभार ग्रहण करने के बाद आईएन मेहता ने कहा कि प्रदेश के अधिवक्ताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया जाएगा.
सरकार के समक्ष रखी जाएंगी मांगे
आई एन मेहता ने बताया कि प्रदेश में करीब 15 हजार अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर चैंबर, लाइब्रेरी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. उन्होंने कहा कि बार काउंसिल की अगली बैठक में प्रस्ताव पारित कर प्रत्येक बार एसोसिएशन के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सहायता, अधिवक्ताओं के ठहरने के लिए लॉ भवन, तथा मेडिकल इंश्योरेंस योजना जैसी मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा.
उनका कहना था कि अब तक किसी भी सरकार ने अधिवक्ताओं के हित में कोई विशेष योजना या अनुदान उपलब्ध नहीं कराया है. बता दें कि बुधवार को हुए चुनाव में कुल 21 मतदाताओं ने भाग लिया, जिनमें बार काउंसिल के 18 निर्वाचित सदस्य, दो मनोनीत सदस्य और हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता शामिल थे. इन्हीं सदस्यों ने चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और बीसीआई प्रतिनिधि का चुनाव किया.
फरवरी में जारी हुई थी चुनाव की अधिसूचना
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के 18 सदस्यों के चुनाव की अधिसूचना 17 फरवरी 2026 को जारी हुई थी. मतदान 20 अप्रैल को हुआ था, जबकि परिणाम 20 मई 2026 को घोषित किए गए थे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों को भी को-ऑप्ट किया गया, जिसके बाद नए पदाधिकारियों के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हुई.
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