

अयोध्या:
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण चर्चा के केंद्र में है. हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद के बाद यह पहली बड़ी बैठक है, जिसमें मंदिर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. ट्रस्ट के सामने तीन रिक्त पदों को भरने, नए महासचिव के चयन और राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति जैसे अहम विषय भी हैं. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई SIT रिपोर्ट, चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी समीक्षा की जाएगी.
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद पहली बड़ी बैठक
राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर हाल में उठे विवाद के बाद ट्रस्ट की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक बैठक में चढ़ावे की गिनती, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई SIT रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा होने की संभावना है. ट्रस्ट भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए नई व्यवस्थाओं पर विचार कर सकता है.
आज इन 8 मुद्दों पर रह सकती है मुख्य चर्चा
- नए महासचिव का चयन
- तीन खाली ट्रस्टी पदों पर नियुक्ति
- पहले CEO की चयन प्रक्रिया
- मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा
- श्रद्धालुओं की सुविधाएं
- निर्माण कार्य की प्रगति
- प्रशासनिक और वित्तीय मामले
- चढ़ावा चोरी विवाद के बाद पारदर्शिता और नई रणनीति
तीन रिक्त पदों पर हो सकता है फैसला
ट्रस्ट में फिलहाल तीन पद रिक्त हैं. पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद खाली हुए थे, जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद एक और पद रिक्त हो गया. आज की बैठक में इन पदों को भरने को लेकर विचार-विमर्श हो सकता है. नए ट्रस्टियों के चयन को लेकर भी चर्चा संभव है.
नए महासचिव के चयन पर नजर
बैठक का एक महत्वपूर्ण एजेंडा ट्रस्ट के नए महासचिव की नियुक्ति भी माना जा रहा है. महासचिव का पद ट्रस्ट की प्रशासनिक और संगठनात्मक व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में इस पद पर नियुक्ति को लेकर लिए जाने वाले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं.
पहले CEO के चयन की प्रक्रिया पर चर्चा
राम मंदिर के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाना है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक CEO पद के लिए देशभर से 2,357 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें सेवानिवृत्त IAS, IPS, PCS और PPS अधिकारियों के साथ सेना के अधिकारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और समाजसेवी भी शामिल हैं. फिलहाल तीन सदस्यीय समिति आवेदनों की जांच और छंटनी कर रही है. बैठक में चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अंतिम रूप देने पर चर्चा हो सकती है.
श्रद्धालुओं की सुविधाओं की भी होगी समीक्षा
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधाओं की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है. ट्रस्ट दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट ले सकता है.
निर्माण कार्य और वित्तीय मामलों पर भी चर्चा
बैठक में मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर भी विचार-विमर्श होगा. सूत्रों का कहना है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रबंधन को लेकर कुछ नई व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हो सकती है.
23 जुलाई को RSS-VHP की भी बैठक
राम मंदिर से जुड़े विषयों पर 23 जुलाई को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों के शामिल होने की संभावना है. ऐसे में आज की ट्रस्ट बैठक को आगामी धार्मिक और संगठनात्मक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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