

हैदराबाद:
हैदराबाद में साइबर ठगी के तीन मामला सामने आए हैं. इन लोगों से निवेश के नाम पर लाखों रुपये ठगे गए. हैरानी की बात यह है कि ठगों ने इस तरह से इनको झासे में मिला कि इनको शक तक नहीं हुआ. इन लोगों को तो अंदाजा तक नहीं था कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ऐप से भी धोखाधड़ी हो सकती है. ठगों ने इन लोगों से गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करवाकर लाखों का चूना लगा दिया. इस मामले में हैदराबाद साइबर पुलिस ने गूगल इंडिया के हेड के खिलाफ भी केस दर्ज किया है.
साइबर क्राइम पुलिस ने इन मामलों में गूगल इंडिया के हेड को सह आरोपी बनाया है. धोखाधड़ी के शिकार लोगों से बताया कि उनको कैसे निशाना बनाया गया. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि धोखाधड़ी करने वालों ने पहले उनसे Google Play Store से नकली ऐप डाउनलोड करवाया. फिर निवेश पर ज़्यादा रिटर्न का लालच देकर ठगी की.
Google इंडिया के हेड के खिलाफ केस दर्ज
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनको लगा कि ये ऐप Google Play Store पर है तो अलली ही होगी. उन्होंने धोखाधड़ी वाले ट्रेडिंग ऐप को असली और भरोसेमंद समझकर डाउनलोड कर लिया और ठगी के शिकार हो गए. हैदराबाद पुलिस ने तीन अलग-अलग शिकायतों के आधार पर धोखाधड़ी करने वालों और Google इंडिया के हेड के खिलाफ IT एक्ट और BNS की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किए हैं.
पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि वे Google इंडिया को नोटिस भेजकर ऐसे ठगी ऐप के बारे में जानकारी मांग रहे हैं. जांच कर रहे हैं कि ये ऐप है क्या. इनमें धोखाधड़ी वाला कंटेंट क्या है? अगर कोई संदिग्ध चीज मिलती है, तो उनसे ऐसे ऐप हटाने के लिए कहा जाएगा.
निवेशक का लालच देकर लिंक पर क्लिक करवाया
बता दें कि 69 साल के एक बुजुर्ग ने 15 जुलाई को अपनी शिकायत में कहा था कि इस साल मई में उन्हें सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन दिखा, जिसमें दावा किया गया था कि निवेशक हर हफ्ते 22 लाख रुपये कमा सकते हैं. उन्होंने विज्ञापन को असली मानकर वेबसाइट लिंक पर क्लिक किया, अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर किया, फर एक महिला ने उनसे मैसेजिंग ऐप पर संपर्क किया.
Play Store पर धोखाधड़ी वाले ऐप से ठगी
बुजुर्ग ने बताया कि आरोपी ने Play Store पर एक धोखाधड़ी वाले ऐप के जरिए, ज्यादा रिटर्न का झूठा वादा करके उनको बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए मान लिया. फिर उनके पैसे वापस करने से इनकार कर दिया. उनका आरोप है कि Play Store पर कंटेंट को रोकने और मॉनिटर करने में Google अधिकारियों की नाकामी की वजह से उनको 24.37 लाख रुपये का नुकसान हुआ. शिकायतकर्ता ने उनके साथ धोखाधड़ी करने वालों के अलावा भारत में Google हेड के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की.
वहीं एक अन्य मामले में 40 साल के आरोपी ने 14 जुलाई को शिकायत में आरोप लगाया कि धोखाधड़ी करने वालों ने ट्रेडिंग के नाम पर एक नकली सिक्योरिटीज प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की. निवेश कराया हुआ पैसा उनको वापस नहीं दिया. उनको भी एक ऐप लिंक भेजकर Google Play Store से एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया था.
Google इंडिया हेड पर है ये आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंटेंट मॉडरेशन, ऐप रिव्यू और विज्ञापन वेरिफिकेशन सिस्टम होने के बावजूद, Google अधिकारी अपने प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी वाले एप्लिकेशन के पब्लिकेशन और डिस्ट्रीब्यूशन को रोकने में जरूरी सावधानी बरतने में नाकाम रहे. एक 71 साल के रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी ने भी 30 जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक कंपनी के नकली ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट एप्लिकेशन के जरिए इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में उनसे 7.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई.
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