
Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है. आजाद समाज पार्टी के प्रमुख Chandrashekhar Azad ने मंगलवार को वरिष्ठ नेता Swami Prasad Maurya से उनके गोमतीनगर स्थित आवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. खास बात यह रही कि स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य ने चंद्रशेखर आज़ाद का स्वागत किया और बैठक के दौरान मौजूद भी रहे.
नए राजनीतिक समीकरणों की तलाश
राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं. माना जा रहा है कि प्रदेश में दलित, मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं को एक मंच पर लाने की कोशिशें तेज हो रही हैं. दोनों नेताओं की बैठक को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि मुलाकात के बाद किसी बड़े राजनीतिक फैसले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य ने चंद्रशेखर आज़ाद का स्वागत किया.
छोटे दलों को साथ लाने की कवायद
सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कई छोटे और क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर एक नए राजनीतिक गठबंधन की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है. यदि ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विकल्प सामने आ सकता है. यही वजह है कि इस मुलाकात को केवल शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भविष्य की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
ओवैसी के नाम की भी चर्चा
तीसरे मोर्चे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच Asaduddin Owaisi के शामिल होने की संभावनाओं पर भी राजनीतिक हलकों में बातचीत शुरू हो गई है. हालांकि इस संबंध में किसी भी नेता की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. फिर भी चंद्रशेखर आज़ाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं.
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