
Viral News: कोई घर सिर्फ ईंट, कंकटीट और सीमेंट से नहीं बनता है, उससे कई पीढ़ियों की यादें होती हैं. जिस घर में किसी के परिवार की कई पीढ़ियों का इतिहास बसा हो, उसे कोई कैसे छोड़ सकता है? उसे बचाने के लिए इंसान जी जान लगा देगा. अमेरिका के नॉर्थ डकोटा में पली-बढ़ीं जैसोंड्रा श्मिट ने 112 साल पुराने पुश्तैनी घर को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए. उन्होंने 1914 में बने अपने पर-परदादा के दो मंजिला घर को करीब 9 किलोमीटर दूर अपने नए फार्म तक शिफ्ट कराया. पर उनके लिए दूसरी जगह घर को शिफ्ट करने में आने वाला घर खर्च मायने नहीं रखता है, मायने रखता है उनका पुश्तैनी घर…
लंबे समय से ढूंढ रहे थे घर
दरअसल, जैसोंड्रा श्मिट अपने के साथ काफी समय से एक पुराना घर ढूंढ रहे थे. कपल ने करीब पांच से सात घर देखे. इस दौरान कुछ मौकों पर उन्हें खेती वाली ज़मीन पर बने पुराने घर मुफ्त में देने की पेशकश भी की गई. कई बार तो वे सही घर के करीब तक पहुंच भी गए. पर कुछ अड़चनों के चलते संभव नहीं हो सका.
People मैगजीन के अनुसार, वह बताती हैं, “हमें लगा कि हमें अपना घर मिल गया है और यह एक बहुत बड़ा काम (घर को दूसरी जगह ले जाना) होने वाला था, लेकिन उस साल आयोवा में बाढ़ आ गई, इसलिए जिन मूवर्स को हमने तय किया था, वे आयोवा चले गए.”
फेसबुक पर घर के बारे में पता चला
2025 के आखिर में उन्होंने फिर से यह काम शुरू किया. जैसोंड्रा ने बताया कि वह फ़ेसबुक स्क्रॉल कर रही थीं, तभी उन्होंने एक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में रिश्तेदारों को 2 मंज़िला घर के बारे में बात करते देखा. तुरंत उन्होंने कमेंट थ्रेड पर क्लिक किया. रिश्तेदार जिस घर के बारे में बात कर रहे थे, वह जैसोंड्रा के लिए उनकी सोच से कहीं ज़्यादा जाना-पहचाना था. यह घर 1914 का बना हुआ था और जैसोंड्रा के पर-परदादा, फ्रीडरिख का था.

US Woman moves 112 year old family house 9 km viral story
Photo Credit: instagram/jasondra_schmidt
जैसोंड्रा इस घर के बारे में जानती थीं और उन्होंने इसकी तस्वीरें भी देखी थीं, लेकिन असल में कभी वहां गई नहीं थीं. इसलिए उन्होंने फ़ोन उठाया और एक रिश्तेदार से पूछा कि क्या वे आपने पापा का घर बेचना चाह रहे हैं? इस पर रिश्तेदार ने कहा कि परिवार के एक और सदस्य ने पहले ही घर में दिलचस्पी दिखाई है. इस पर जैसोंड्रा ने कहा कि अगर वे नहीं लेते हैं तो वह खुद ले लेगीं.
जेसन की मां की कैंसर से हुई मौत
जैसोंड्रा के मुताबिक, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने परिवार की विरासत और इतिहास को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा. अंत में उनके रिश्तेदार घर बेचने के लिए राजी हो गए. पर इसी बीच अगस्त 2025 में जैसोंड्रा के पति जेसन की मां को पैंक्रियाटिक कैंसर हो गया और फरवरी 2026 में उनकी मौत हो गई. ज़मीन मिलने के बाद कपल की चुनौती खत्म नहीं हुई. उनके सामने एक और बड़ा काम था.
112 साल पुराने घर को उसकी पुरानी जगह से हटाकर अपनी नई खरीदी हुई ज़मीन पर ले जाना. लगभग 30 फ़ीट चौड़े और 60 फ़ीट लंबे घर को पहले उसकी पुरानी नींव से अलग करना पड़ा, ताकि घर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाले लोग उसके नीचे बड़े स्टील के बीम लगा सकें और जैक का इस्तेमाल करके उसे ऊपर उठा सकें. जहां पर घर पहले से मौजूद था और नई जगह के बीच 6 मील (9 किमी से ज्यादा) दूरी थी. इतनी दूर घर ले जाने में काफी सावधानी की जरूरत पड़ी. दो बिजली कंपनियों को रास्ते में बिजली की लाइनों को टाना या ठीक करना पड़ा ताकि घर आसानी से गुज़र सके. घर को दूसरी जगह ले जाने से ठीक 2 दिन पहले जैसोंड्रा की मौसी का कैंसर से निधन हो गया.
2 महीनों तक बीम और टायरों पर खड़ा रहा घर
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दुख के माहौल में जैसोंड्रा अपने रिश्तेदारों को घर को दूसरी जगह ले जाते हुए देखने के लिए बुलाने में हिचकिचा रही थीं. पर उन्होंने आखिर में रिश्तेदारों को बुलाने का फ़ैसला किया. दूसरी जगह घर के शिफ्ट के दौरान परिवार के 20 सदस्य इकट्ठा हुए. जैसोंड्रा याद करती हैं, “वहां दुख के आंसू थे, खुशी के आंसू थे और शोक के आंसू भी थे. जब घर नई जगह पर पहुंच गया, तो वह लगभग 2 महीनों तक मूवर के बीम और टायरों पर ही ऊपर उठा रहा. क्योंकि बेसमेंट का काम पूरा नहीं हुआ था.
इस बीच बर्फीले-तूफान की वजह से वह बाहर जाने से बहुत घबराती थी. उनकी मन यही आता था कि ‘क्या मेरा घर अभी भी खड़ा है? उनका अंदाज़ा है कि सिर्फ़ घर को दूसरी जगह ले जाने का खर्च लगभग $40,000 था, जबकि बेसमेंट और फ़ाउंडेशन के लिए कंक्रीट का खर्च ही $110,000 से ज़्यादा था. घर के बाकी कामों को मिलाकर कपल को लग रहा है कि पूरे प्रोजेक्ट का खर्च $380,000 (करीब 3.5 करोड़ रुपये) के आसपास होगा.
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