

नई दिल्ली:
कम्यून और नेटफ्लिक्स इंडिया ने ‘वॉइसेज ऑफ टुमॉरो’ के पांचवें संस्करण की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य सबटाइटलिंग और अडैप्टेशन के क्षेत्र में काम करने वाली अगली पीढ़ी के लेखकों की पहचान करना और उन्हें विकसित करना है. यह राइटिंग फॉर लोकलाइजेशन प्रोग्राम उभरती प्रतिभाओं को हिंदी से अंग्रेजी में भारतीय फिल्मों और सीरीज को दुनिया भर के दर्शकों के लिए प्रभावी ढंग से अडैप्ट करने का प्रशिक्षण देगा.
पिछले चार संस्करणों के जरिए प्रोफेशनल वॉइस परफॉर्मेंस के क्षेत्र में नए लोगों के लिए अवसरों का विस्तार करने के बाद, इस पहल का पांचवां संस्करण अब उस लेखन पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो डब्ड डायलॉग और सबटाइटल्स के पीछे की रचनात्मक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य इंडस्ट्री में एक ऐसा मजबूत रास्ता तैयार करना है, जहां केवल भाषाई दक्षता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुशल कहानीकारों और लेखकों की भूमिका भी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है.
जैसे-जैसे भारतीय कहानियां दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच रही हैं, वॉइसेज ऑफ टुमॉरो ऐसे लेखकों को विकसित करने का प्रयास करेगा, जो इन कहानियों को अंग्रेजी में भी स्वाभाविक, प्रभावशाली और भावनात्मक रूप से सच्चा बनाए रख सकें. तीन महीने के इस कार्यक्रम के लिए 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा. प्रशिक्षण नवंबर 2026 दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 के दौरान मुंबई में आयोजित किया जाएगा. पाठ्यक्रम में स्क्रीनराइटिंग की बुनियादी समझ, डबिंग अडैप्टेशन और सबटाइटलिंग शामिल होंगे. प्रतिभागियों को संरचित प्रशिक्षण, असाइनमेंट्स और प्रोफेशनल स्टूडियो वर्कफ्लो से परिचित होने के अवसर भी दिए जाएंगे.
इस नए संस्करण के बारे में बात करते हुए कम्यून के संस्थापक रोशन अब्बास ने कहा, वॉइसेज ऑफ टुमॉरो हमेशा से उन लोगों और कौशलों तक पहुंच बढ़ाने के बारे में रहा है, जो यह तय करते हैं कि कहानियों को किस तरह अनुभव किया जाता है. इस संस्करण के साथ हम इस काम को राइटिंग रूम तक ले जा रहे हैं. सबटाइटलर्स और अडैप्टर्स सिर्फ शब्दों का अनुवाद नहीं करते. वे हास्य, भावनाओं, लय और सांस्कृतिक संदर्भ को एक दर्शक वर्ग से दूसरे तक पहुंचाते हैं. हम प्रतिभाशाली लेखकों को वह क्राफ्ट, आत्मविश्वास और इंडस्ट्री एक्सपोजर देना चाहते हैं, जिसकी उन्हें इस काम को प्रोफेशनल स्तर पर करने के लिए जरूरत है.”
नेटफ्लिक्स में इंडिया, कंटेंट लोकलाइजेशन की सीनियर मैनेजर अश्विनी कुलकर्णी ने कहा, “जैसे-जैसे भारतीय कहानियां दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच रही हैं, सोच-समझकर किया गया लोकलाइजेशन यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि उनका अर्थ, भावनाएं और किरदार अपनी मूल पहचान बनाए रखें. वॉइसेज ऑफ टुमॉरो के जरिए हम ऐसे लेखकों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं, जो भाषा और कहानी, दोनों को समझते हों, और उन्हें ऐसी अडैप्टेशन और सबटाइटल्स तैयार करने के लिए व्यावहारिक कौशल दें, जो दर्शकों के लिए प्रामाणिक महसूस हों.”
इस प्रशिक्षण का नेतृत्व लेखक, अभिनेता और निर्देशक ध्रुव सहगल, अनुवादक, अभिनेता और वॉइसओवर आर्टिस्ट साहिल वैद और सबटाइटलर और क्रिएटिव राइटर योती भंसाली करेंगे. तीनों मिलकर प्रतिभागियों को स्क्रीनराइटिंग, अडैप्टेशन और सबटाइटलिंग के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराएंगे और रचनात्मक प्रशिक्षण को प्रोफेशनल लोकलाइजेशन वर्कफ्लो की व्यावहारिक समझ के साथ जोड़ेंगे.
अभिनेत्री और वॉइसओवर आर्टिस्ट शेरनाज पटेल, रोशन अब्बास, तथा सबटाइटलर और ट्रांसलेटर मीरा कृष्णन जूरी सदस्य के रूप में प्रतिभागियों का चयन करेंगे. वे ऐसे लेखकों की पहचान करेंगे, जिनमें भाषा, संवाद, कहानी कहने और सांस्कृतिक अडैप्टेशन की मजबूत समझ और सहज प्रतिभा हो.
कौन आवेदन कर सकता है?
वॉइसेज ऑफ टुमॉरो 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिकों के लिए खुला है, जो हिंदी और अंग्रेजी में धाराप्रवाह हों, लोकलाइजेशन के लिए लेखन में रुचि रखते हों और मुंबई में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने में सक्षम हों. आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पूरा करना होगा और मांगी गई जानकारी के साथ सरकारी पहचान पत्र की एक प्रति जमा करनी होगी. शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदकों को एक व्यक्तिगत लेखन परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाएगा, जिसके बाद कार्यक्रम के लिए 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा.





