

नई दिल्ली:
दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित उस जूता फैक्ट्री से बाहर निकलने के 4 रास्ते थे. ऐसे में जब बेसमेंट में आग लगी, तो ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिल पर मौजूद लोग बाहर निकलने के लिए निकास द्वारों की तरफ जान बचाने के लिए भागे. लेकिन जूता फैक्ट्री के सभी एग्जिट गेट बंद थे. विकास भी इन्हीं मजदूरों में से एक थे, जो अभी अस्पताल में भर्ती हैं. विकास ने बताया कि बाहर निकलने के लिए खुले रहने वाला एकमात्र गेट भी आग लगने के बाद बंद कर दिया गया था, जबकि मजदूर अंदर फंसे हुए थे. यही सबसे बड़ी वजह थी, जिसके कारण इस जूता फैक्ट्री में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर इन लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है.
मजदूर ने बताया खौफ का वो मंजर!
शुक्रवार रात लगभग 9:30 बजे, 22 वर्षीय विकास मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित जूता फैक्ट्री की पहली मंजिल पर अपने साथियों के साथ खाना खा रहा था. इसी दौरान फैक्ट्री के बेसमेंट में भीषण आग लग गई. ऐसे में सभी मजदूर खाना छोड़ जान बचाने के लिए फैक्ट्री से बाहर निकलने को दौड़ पड़े. लेकिन फैक्ट्री का इमारत का निकास द्वार बंद था. फिर सभी घबराकर छत की ओर भागे, ताकि धुएं में उनका दम न घुट जाए. विकास ने बताया, “बाहर निकलने का रास्ता वहीं था, लेकिन हम बाहर नहीं निकल पाए. शायद गार्ड दरवाजा बंद करके चला गया था. हम दरवाजा पीटते रहे, लेकिन किसी ने नहीं खोला.”
4 मजदूर फैक्ट्री में मारे गए
शुक्रवार रात करीब 9:32 बजे फैक्ट्री के बेसमेंट में आग लगी. अधिकारियों के अनुसार, चार मंजिला इस इमारत में चार दरवाजे थे, लेकिन वे सभी बंद थे. ऐसे में मजदूरों के पास बचने का कोई और रास्ता नहीं बचा था. इस घटना में विकास और एक अन्य मजदूर तो बच गए, लेकिन उसके चार साथी मारे गए. मृतकों की पहचान अशोक (25), हरिहर (40), लाल बाबू (38) और प्रेम चंद (50) के रूप में हुई है.
गैर-हरादतन हत्या का केस दर्ज
शनिवार को दिल्ली पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया और इस घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक की पहचान 47 वर्षीय अशोक के रूप में हुई है, जो मजदूरों का ठेकेदार था. अधिकारियों ने बताया कि दूसरा आरोपी, पीतमपुरा निवासी सुरेश चंद (47), उन दो भवन मालिकों का पिता है, जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमारत में आग लगने पर छह लोग फंस गए थे. इस इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन ऊपरी मंजिलें हैं, जबकि चौथी मंजिल पर एक ढांचा बना हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति को तीसरी मंजिल से बचाया गया, जबकि पांच लोगों को चौथी मंजिल के एक कमरे से निकाला गया. कमरे में मौजूद लोगों में से चार को मृत घोषित कर दिया गया. दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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पत्नी को फोन कर बताया था फैक्ट्री में आग लगी
आज मृतक और घायल के परिजन अस्पताल पहुंचे, मृतकों के शव को लेने पहुंचे. परिजनों में इस घटना के बाद से फैक्ट्री मालिक के लिए काफी रोष है, अस्पताल आये परिजनों से NDTV की टीम ने बात की. मृतक अशोक के परिजनों ने बताया कि मरने से पहले अशोक ने अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए बताया था कि फैक्ट्री में आग लग गई है और वो बाद में बात करेगा. परिजनों ने बताया कि पत्नी ने उन्हें फोन करके बताया था कि अशोक की फैक्ट्री में आग लगी है और आप सभी जल्दी वहां पहुंचिए, जब वहां पहुंचे तो बताया गया कि उनको अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अब परिवार के छोटे-छोटे मासूम बच्चे और पत्नी रह गई हैं. अशोक केवल चार महीने के लिए फैक्ट्री में काम के लिए आते थे.
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