

रामपुर:
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खाम को रामपुर जेल से निकलते ही ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. दो पैन कार्ड वाले केस में हाई कोर्ट से मिली जमानत के बाद शनिवार शाम आजम खाम रामपुर जेल से निकले थे. आजम खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी जेल से निकले. जेल से निकलते ही आजम खान की हुई गिरफ्तारी पर अब्दुल्ला आजम बुरी तरह से भड़के नजर आए. मीडिया से बात करते हुए अब्दुल्ला आज़म ने कहा, “पिछले आठ सालों में हमारे साथ हुआ है, शायद वो किसी के साथ नहीं हुआ होगा. आजम साहब को दस साल की सजा टीवी, फ्रिज चोरी करवाने में हो गई और उस जगह पर हो गई जहां पर कभी घर मकान थे ही नहीं.”
अब्दुल्ला आजम ने आगे कहा कि अगर मेरा नाम अब्दुल्ला नहीं होता, तो शायद मैं सच को साबित कर सकता. हमारे पास कोई अधिकार नहीं है. हम इंसान नहीं जानवर हैं. जो इतनी बेइज्जती और जिल्लत की जिंदगी के बाद भी जिंदा हैं.”
#WATCH रामपुर: आज़म खान के बेटे अब्दुल्ला आज़म ने कहा, “पिछले आठ सालों में हमारे साथ हुआ है, शायद वो किसी के साथ नहीं हुआ होगा। आज़म साहब को दस साल की सज़ा टीवी, फ्रिज चोरी करवाने में हो गई और उस जगह पर हो गई जहां पर कभी घर मकान थे ही नहीं…अगर मेरा नाम अब्दुल्ला नहीं होता, तो शायद मैं सच को साबित कर सकता…हमारे पास कोई अधिकार नहीं है। हम इंसान नहीं हैं। हम जानवर हैं। हम जानवर हैं जो इतनी बेइज्जती और ज़िल्लत की ज़िंदगी के बाद भी ज़िंदा हैं।”
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 31, 2026
उन्हें उनके ख्वाब की सजा मिली, मुझे मेरे नाम की: अब्दुल्ला आजम
आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर अब्दुल्ला आजम ने कहा कि उन्हें उनके ख्वाब की सजा मिली, मुझे मेरे नाम की. अब्दुल्ला आजम ने गौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी एक गलती हो गई. उन्होंने 22 प्रतिशत साक्षरता दर वाले रामपुर में बच्चों की पढाई के लिए यूनिवर्सिटी खोला. उन्होंने एक ख्वाब देखा. इसी ख्वाब की सजा वो भुगत रहे हैं.
वहीं खुद के बारे में अब्दुल्ला आजम ने कहा कि मुझे मेरे नाम की सजा मिल रही है. उन्होंने जेल के बाहर जुटे लोगों की भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या हम समाज के लिए खतरा है? ये लोग यहां अपराधियों के लिए खड़े हैं, भ्रष्टाचारियों के लिए खड़े हैं.
मालूम हो कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रिहाई के दौरान जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जो आजम के समर्थन और ईडी के विरोध में नारे लगाते देखे गए. अधिकारियों के मुताबिक जेल से बाहर निकलने के बाद ईडी की टीम ने आजम को जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित कथित धन शोधन के मामले में पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया.
यह भी पढ़ें – ‘ये तो मुसलमान होने की सजा है…’, रिहा होते ही ED ने किया गिरफ्तार तो छलका आजम खान का दर्द





