

Agniveer 8th Pay Commission Benefits : आज सरकार की तरफ से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे लाखों अग्निवीरों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि जो अग्निवीर सेना में परमानेंट नहीं हो पाएंगे, उन्हें अब तुरंत घर नहीं भेजा जाएगा, बल्कि उनको 2 साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा. यानी 4 साल की सेवा पूरा होने पर 25 फीसदी को परमानेंट कर दिया जाएगा. वहीं, बाकी बचे 75 फीसदी अग्निवीरों को 2 साल आगे काम करने का मौका मिलेगा. केंद्रीय कैबिनेट ने इस बड़े फैसले पर मुहर लगा दी है और खुद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने इसका ऐलान किया है. ऐसे में अब लोगों के दिमाग में एक सवाल है कि क्या अग्निवीरों को भी मिलेगा 8 वें वेतन आयोग का लाभ और 2 साल में कितनी सैलरी बढ़ेगी?
क्या अग्निवीरों की सैलरी बढ़ेगी और 8वें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने साफ संकेत दिया है कि जिन अग्निवीरों को 2 साल का सर्विस एक्सटेंशन मिलेगा, वे बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों (Allowances) के हकदार होंगे.
वहीं, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की बात करें तो यह सशस्त्र बलों (Armed Forces) पर भी लागू होगा, क्योंकि सेना केंद्र सरकार के दायरे में आती है. ऐसे में सेवा में रहने के दौरान अग्निवीरों को भी इसका फायदा मिल सकता है, जिससे उनकी सैलरी में अच्छा-खासा इजाफा होने की उम्मीद है.
हालांकि, अगर कोई अग्निवीर 6 साल की सर्विस पूरी करने के बाद सेना छोड़ देता है, तो बाहर होने के बाद उसे पेंशन या वेतन आयोग के किसी भी फायदे का हक नहीं मिलेगा. लेकिन अगले एक्सटेंशन पीरियड के दौरान अग्निवीरों की सैलरी में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह ही सालाना बढ़ोतरी (Annual Increment) देखने को मिलेगी और उन्हें पूरा वेतन व भत्ते मिलते रहेंगे.
6 साल की नौकरी में हर महीने कितनी मिलेगी सैलरी?
| साल | टोटल मंथली सैलरी | इन-हैंड सैलरी | सेवा निधि फंड में योगदान |
| पहले साल | 30,000 | 21,000 | 9,000 |
| दूसरे साल | 33,000 | 23,100 | 9,900 |
| तीसरे साल | 36,500 | 25,550 | 10,950 |
| चाौथे साल | 40,000 | 28,000 | 12,000 |
| पांचवें साल | 44,000 | 30,800 | 13,200 |
| छठे साल | 48,500 | 33,950 | 14,550 |
विदित हो कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अग्निवीरों के पहले बैच का 4 साल की सर्विस खत्म होने वाला था. आने वाले कुछ ही हफ्तों में करीब 18,000 अग्निवीर सेना से बाहर होने वाले थे, लेकिन इस नए नियम के बाद अब उन्हें सीधे 2 साल का एक्सटेंशन मिल जाएगा. इतना ही नहीं, खास मानदंडों के आधार पर उन्हें परमानेंट करने का रास्ता भी खोल दिया गया है. उम्मीद है कि ज्यादातर अग्निवीर सेना में ही पक्के हो जाएंगे, और जो बच जाएंगे उनके लिए अन्य सुरक्षा बलों में पहले से ही पद आरक्षित हैं.
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