
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति प्रदान कर रहे हैं. जहां ग्वालियर को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रमुख केंद्र बनाने की पहल की गई है, वहीं जबलपुर- इंदौर आर्थिक कॉरिडोर विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान करेगा.
उन्होंने कहा कि महाकौशल और मालवा को जोड़ने की इस पहल से रायसेन जैसे विशाल जिले भी लाभान्वित होंगे जो इस कॉरिडोर के मध्य स्थित हैं और वर्तमान में सघन आर्थिक गतिविधियों से वंचित हैं. पर्यटन क्षेत्र का भी विकास होगा. प्रदेश के विकास का यही समय है और सही समय है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में फेडरेशन ऑफ एम.पी. चेम्बिर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंण्डीस्ट्रीय के दो दिवसीय विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे. सम्मेलन में विभिन्न उद्यमियों द्वारा प्रदेश में 7500 करोड़ के निवेश के मंतव्य प्रस्तुत किए गए.
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‘ढाई वर्ष में जमीन पर उतरे 12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ढाई वर्ष में 12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं. सभी सेक्टर्स में मध्यप्रदेश पैठ बना रहा है. पारदर्शी नीतियां लागू किए जाने से उद्योगों को उद्योग स्थापना में कठिनाई सामने नहीं आ रही. युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिदिन ही निवेश संवर्धन कार्यक्रम और गतिविधियां हो रही हैं. इस दृष्टि से मुम्बई में सम्पन्न इंडिया केम- 2026 भी सार्थक रहा.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे उद्यमी विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के माध्यम से सभी नागरिकों के जीवन में सुख का समय सवेरा लाने का कार्य करते हैं. व्यापार और उद्योग क्षेत्र के पुण्य कार्यों से लाखों परिवारों की जीविका चलती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए उद्योग जगत की सक्रियता सराहनीय है.
‘भारत को सम्मान की दृष्टि से देखने लगे हैं दुनिया के बड़े देश’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जहां दुनिया के बड़े देश भारत को सम्मान की दृष्टि से देखने लगे हैं. वहीं अमेरिका भी भारत की निर्वाचन प्रणाली को अपनाने के लिए लालायित है. मध्य प्रदेश में कोई कमी नहीं है. कृषि के विकास के साथ आर्थिक समृद्धि पर फोकस करने की आवश्यकता है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट दूसरी बार हो रही है. प्रदेश को उद्योगों के अनुकूल बनाया गया है. मध्य प्रदेश का रीजनल औद्योगिक कॉन्क्लेव करने का मॉडल बाकी राज्यों ने पसंद किया है. अनेक राज्य इसे अपना रहे हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बीना में डाउनस्ट्रीम रिफाइनरी के लिए 50 हजार करोड़ के निवेश के अंतर्गत भूमि पूजन किया है. इससे आने वाले समय में प्रतिवर्ष 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार हो सकेगें. मध्य प्रदेश ही नहीं संपूर्ण देश के विकास की गति तेज हो रही है. ऐसा समय आएगा जब भारत सोने की चिड़िया नहीं सोने का बाघ बनने की दिशा में अग्रसर होगा.
‘उद्योग जगत का एमपी में बढ़ा विश्वास’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फेडरेशन द्वारा प्रकाशित विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन किया. प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया. उन्हें इस प्रतीक स्वरूप स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया गया. एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश के निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का कार्य किया है.
इस दो दिवसीय सम्मेलन में लगभग एक दर्जन फेडरेशन से जुड़े सैकड़ों उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं. विभिन्न क्षेत्रों से उद्यमी हिस्सा लेने आए हैं. काश्यप ने कहा कि मध्य प्रदेश में रीजनल डेवलपमेंट प्लान और मेट्रोपोलिटन एरिया जैसी अभिनव पहल की गई हैं. उद्योग और व्यापार जगत में विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है.
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