

सहारनपुर में सावन महीने शिवभक्त कांवड़ियों की भीड़ हरिद्वार से गंगाजल भर कर अपने गंतव्य को बढ़ रहे हैं. शिवभक्तों के लिए जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविरों का आयोजन किया गया है. शनिवार को कॉंग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन किया और शिवभक्तों की सेवा की.
इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे सहारनपुर में एक परंपरा है जिसमें सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर मोहब्बत-प्यार के साथ हर त्योहार को मनाते हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान हम लोगों कांवड़ सेवा शिविर में आना जाना मिलना और शिवभक्तों की सेवा करना परंपरा का हिस्सा है. दूर दूर से काफी तादात में आने वाले शिव भगत कांवड़ियों की सेवा हम सब मिलकर करने का काम करते हैं.
कांग्रेस सांसद आगे कहते हैं कि हिंदू-मुस्लिम सब मिलकर इस परंपरा का निर्वहन करने की कोशिश करते हैं. हिंदू समुदाय में भोले बाबा में आस्था है और आस्था सबसे बड़ी चीज़ होती है. जिस आस्था के साथ शिव भक्त चल रहे हैं, कष्ट झेल रहे हैं, भीषण गर्मी में बहुत सारे लोग नंगे पैर होते हैं, उनकी आस्था में थोड़ी बहुत हिस्सेदारी करना हमारी भी जिम्मेदारी बनती है.
कांवड़ यात्रा के लिए कौन-कौन रास्ते बंद और डायवर्ट
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की एंट्री 29 जुलाई से बंद है. इसके अलावा, 7 अगस्त सुबह 8 बजे से 12 अगस्त (शिवरात्रि) तक एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश वाला पूरा हिस्सा सामान्य हल्के और मध्यम वाहनों के लिए भी पूरी तरह बंद रहेगा.
NH-58 – दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ-मुजफ्फरनगर-हरिद्वार मार्ग
कांवड़ यात्रा के कारण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ-मुजफ्फरनगर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58 / अब NH-34) पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है. शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए इस पूरे मार्ग को चरणबद्ध तरीके से सामान्य यातायात के लिए बंद किया जा रहा है. दिल्ली के महाराजपुर बॉर्डर, गाजीपुर मंडी और एनएच-9 का प्रयोग करते हुए डासना इंटरसेक्शन से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) पर डायवर्ट किए जा रहे हैं. वहां से वे हापुड़ के सिंभावली में गंगा एक्सप्रेसवे या अन्य लिंक रोड से आगे निकल सकते हैं.
NH-24 – दिल्ली-हापुड़-गाजियाबाद मार्ग
कांवड़ यात्रा के दौरान NH-24 को दिल्ली-गाजियाबाद-हापुड़ मार्ग, जिसे अब मुख्य रूप से NH-9 के हिस्से के रूप में जाना जाता है, यहां पर भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन 29 जुलाई से ही लागू हो चुका है. कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर सामान्य यातायात के सुचारु संचालन के लिए कड़े नियम बनाए हैं. रूट डायवर्जन की सारी जानकारी जानने के लिए यहां क्लिक करें





