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ईरान की वो वायरल गर्ल जिसने पूरी दुनिया को चौंकाया आखिर उसका क्या हुआ; दोस्त ने बताई पूरी कहानी | iran viral girl story who removed cloths on streets know how is she


कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जो दिलो-दिमाग पर गहरा असर छोड़ जाती हैं. नवंबर 2024 में, ईरानी छात्रा आहू दरयाई जब अपनी यूनिवर्सिटी की सीढ़ियां चढ़ रही थीं, तो उनके सिर से हिजाब थोड़ी देर के लिए खिसक गया. उन्हें इसका पता नहीं चला क्योंकि वह अपने फोन में व्यस्त थीं. वह चलती रहीं, जब तक कि ईरान की मोरल पुलिस ने उन्हें घेर नहीं लिया. वहां मौजूद पुरुषों ने दरयाई पर चिल्लाना शुरू किया और उन्हें पकड़ लिया. उनके जोर-जबरदस्ती से खींचने के कारण उनके कपड़े फटने लगे. इसके बाद उन्हें एक ऐसे कमरे की ओर खींचकर ले जाया गया जहां महिला छात्राओं को सजा दी जाती है. बेचैनी और हताशा के एक पल में, दो बच्चों की मां दरयाई ने अपने कपड़े उतार दिए और सिर्फ अंडरवियर पहनकर यूनिवर्सिटी के आंगन में घूमने लगीं. यह पल वायरल हो गया.

आहू दरयाई की यही तस्वीर हुई वायरल

क्या सिर्फ हताशा में कपड़े उतारे?

लेकिन उनके इस छोटे से, निडर विरोध का उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ा. उस समय ईरानी अधिकारियों ने कहा कि दरयाई ‘बीमार’ थीं, और उनका दावा था कि इसी वजह से उन्होंने तेहरान की इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी की सीढ़ियों पर ऐसा व्यवहार किया. इसके बाद उन्हें एक मनोरोग वार्ड में भर्ती करा दिया गया. लेकिन दरयाई का कहना है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें ऐसा करार देना सरकार की ओर से देश के कामकाज के खिलाफ उठने वाली असहमति की आवाज को दबाने की एक कोशिश थी. ‘डेली मेल’ के साथ एक खास बातचीत में, उनकी एक करीबी दोस्त ने उस उथल-पुथल का खुलासा किया है जिससे दरयाई गुजरी थीं और जिससे वह आज भी जूझ रही हैं. उनके दोस्त ने ‘डेली मेल’ को बताया, “दरयाई के साथ उस दिन मोरल पुलिस बहुत सख्ती से पेश आ रही थी. इससे वह बहुत चिढ़ गई थीं. वह चाहती थीं कि पुलिस उन्हें छोड़ दें, लेकिन वे उनके कपड़े नहीं छोड़ रहे थे. इसलिए वह इतनी चिढ़ गईं कि उन्होंने खुद ही अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए. उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए. उन्हें लगा कि अगर उन्हें कपड़े उतारने ही हैं, तो वो खुद ही उतार दें. अगर उस कमरे में उनके साथ वही होने वाला है, तो वो खुद ऐसा कर देंगी.”

कपड़े उतारने के बाद आहू दरयाई ने क्या किया?

सिर्फ अंडरवियर में रह जाने के बाद, दरयाई पुलिस के आने से पहले यूनिवर्सिटी के आंगन में एक दीवार पर बैठ गईं. फिर उन्हें जबरदस्ती एक वैन के पिछले हिस्से में डाल दिया गया. माना जाता है कि उन्हें और ज्यादा बेइज्जत करने की कोशिश में, स्टेशन ले जाते समय उनके सिर को एक महिला अफसर के घुटनों के बीच जबरदस्ती दबा दिया गया, जिससे उनका दम घुटने लगा. नाम न बताने की शर्त पर उनके दोस्त ने बताया, “उनके सिर को दो महिलाओं में से एक के घुटनों के बीच रखा गया था, और उनके बाल उनके चेहरे पर लटक रहे थे. उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उन्हें इस तरह पकड़ा गया था जैसे उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश की जा रही हो. उनके दो बच्चे हैं और वह सोच रही थीं, अगर यह महिला मुझे नहीं छोड़ेगी, तो मेरा दम घुट जाएगा और मेरे बच्चे अनाथ हो जाएंगे.”

आहू दरयाई की यही तस्वीर हुई वायरल

आहू दरयाई की यही तस्वीर हुई वायरल

हाथ-पैर बांध दिए गए और उठ रहे थे सवाल

जागे रहने की कोशिश करते हुए, दरयाई ने उस अधिकारी का हाथ ‘काट’ लिया जिसने उनके ‘घुटने खोल दिए’ थे ताकि वह सांस ले सकें. इसके बाद पुलिस स्टेशन में दरयाई को बेहोश करने वाली दवा दी गई. उनके दोस्त ने बताया, “उन्होंने विरोध करते हुए चिल्लाना और पैर चलाना शुरू कर दिया. वे आए और उन्हें कोई इंजेक्शन लगाने की कोशिश की. पहली बार तो सुई टूट गई, लेकिन दूसरी बार वे इंजेक्शन लगाने में कामयाब रहे, जिससे वह बेहोश हो गईं. जब दरयाई की नींद खुली, तो उनके हाथ-पैर अस्पताल के बिस्तर से बंधे हुए थे और उन्हें पता नहीं था कि वह कहां हैं. उन्होंने अपने परिवार से मिलने की बात कही, लेकिन डॉक्टर कोई जवाब नहीं दे रहे थे. उन्हें पता नहीं था कि वह कहां हैं. जब भी वह कुछ जानने की कोशिश करतीं, वे आकर उन्हें कोई और इंजेक्शन लगा देते, जिससे वह फिर से सो जातीं या बेहोश हो जातीं. उस समय लोग उसका इंटरव्यू ले रहे थे और पूछ रहे थे कि उसने ऐसा क्यों किया. कुछ लोगों ने उनपर ईरान छोड़कर कहीं और शरण लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया.”

आहू दरयाई को काफी सितम सहने पड़े

आहू दरयाई को काफी सितम सहने पड़े

फिर ईरान की सरकार ने निकाली तरकीब

उसके दोस्त ने बताया कि यह वह पल था जब दरयाई को एहसास हुआ कि वह खतरे में है, क्योंकि सोशल मीडिया पर वीडियो को लाखों बार देखा गया और इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगामा खड़ा कर दिया. जैसे-जैसे उनके साथ हुए बर्ताव की निंदा बढ़ी, वैसे-वैसे ईरानी सरकार का यह इरादा भी मजबूत होता गया कि दरयाई के ‘विरोध के इस काम’ को उनके ‘मानसिक रूप से बीमार’ होने का संकेत बताया जाए. ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से महिलाओं के लिए गर्दन और सिर को ढंकना अनिवार्य है. शालीन कपड़े पहनने का नियम ‘मोjn पुलिस’ लागू करती है, जिसे आधिकारिक तौर पर ‘गश्त-ए-इरशाद’ (Gasht-e Ershad) कहा जाता है; इसका मतलब है ‘गाइडेंस पेट्रोल’. इसके बाद पुलिस उसके परिवार और बच्चों के पास जाने लगी और उन्हें धमकाने लगी. वे यह दिखाना चाहते थे कि उनका उस पर नियंत्रण है.’

आहू दरयाई दो बच्चों की मां हैं

आहू दरयाई दो बच्चों की मां हैं

18 दिनों बाद इस शर्त पर रिहा किया गया

इसके बाद वे उसके पूर्व पति के पास गए, जिसे यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि उसे मानसिक समस्याएं थीं. सरकार की योजना यह थी कि चूंकि जो हुआ था उसका वीडियो वायरल हो गया था, इसलिए उन्हें उसे यह मानने के लिए मजबूर करना था कि वह बीमार थी और यह घटना उसकी मानसिक समस्याओं के कारण हुई थी. वे उसके परिवार के जरिए उसे ऐसा कहने के लिए मजबूर कर सकते थे.उसके पूर्व पति की ‘पुष्टि’ के बाद, दरयाई को अस्पताल के बिस्तर से खोल दिया गया और 18 दिनों के बाद रिहा कर दिया गया. ईरानी अधिकारियों ने उससे कहा कि उस पर नजर रखी जाएगी और उसका फोन टैप किया जाएगा. साथ ही उसे एंटी-साइकोटिक दवा लेनी थी और इसके लिए उसे अपने इंश्योरेंस से भुगतान करना था. उसके दोस्त ने बताया कि दरयाई की निगरानी इतनी कड़ी थी कि अधिकारियों ने देखा कि ‘सामान्य रूप से चलने-फिरने’ के बाद भी वह दवा नहीं ले रही थी. दवा के असर से वह सुस्त या बेसुध दिखती.

आहू दरयाई को ईरान में पागल मान लिया गया है

आहू दरयाई को ईरान में पागल मान लिया गया है

अब हर महीने लेना पड़ता है इंजेक्शन

दरयाई को अब हर महीने फ्लूपेंटिक्सोल का इंजेक्शन लेने के लिए मजबूर किया जाता है, जो सिजोफ्रेनिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा है. डॉक्टर यह पक्का करने के लिए इंजेक्शन लगाते हैं कि वह इसे ले रही है. उसके दोस्त ने बताया, ‘उसके परिवार का कहना है कि फांसी पर लटकाए जाने, जेल में डाले जाने या प्रताड़ित किए जाने के बजाय, मानसिक रूप से बीमार होने का ठप्पा लगवाकर ये इंजेक्शन लेना उसके लिए बेहतर है. अब यही एकमात्र रास्ता बचा है. उसने डॉक्टर से पूछा कि अगर वह इंजेक्शन लेना बंद कर दे तो क्या होगा, और उन्होंने कहा कि वे उसे गिरफ्तार कर लेंगे और वापस मानसिक अस्पताल में बांधकर रख देंगे.’

अब क्या कर रहीं हैं ईरान की वायरल गर्ल

अब 32 साल की हो चुकीं और एक अलग यूनिवर्सिटी में टेक्सटाइल्स की स्टूडेंट, दरयाई के बारे में कहा जाता है कि वे अपने विरोध के पीछे की वजह को दो अलग-अलग नजरिए से देखती हैं. उनके दोस्त ने कहा, ‘असल बात यह थी कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया कि उन्हें किस तरह खींचा-तानी की जा रही थी और सिर्फ एक स्कार्फ की वजह से उनके साथ कैसा बर्ताव किया जा रहा था. इससे उन्हें लगा, “मुझे कुछ और करना चाहिए, ताकि यह सारी खींचा-तानी और मुझे इतना छोटा महसूस कराने और जाहिर तौर पर चोट पहुंचाने का कोई मतलब निकले. मुझे इस तरह विरोध करना चाहिए जो मेरे साथ हो रहे बर्ताव के बराबर हो.’

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