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इमरान खान की रिहाई पर बनी बात या पाकिस्तान की सड़कों पर आज होगा बवाल? 4 घंटे की बातचीत के बाद फैसले का इंतजार | Imran Khan released from jail or chaos on the streets today know situation of pakistan



पाकिस्तान सरकार और विपक्ष के बीच शनिवार को कई मुद्दों पर दूसरा दौर की बातचीत हुई. इसमें इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद तक मार्च करने का प्लान सबसे अहम मुद्दा था. संसद भवन में हुई यह बैठक शाम 5 बजे से कुछ देर पहले शुरू हुई और चार घंटे से ज्यादा समय तक चली. हालांकि, ऐसा लगता है कि दोनों पक्ष मामले के नतीजे पर पहुंचने से पहले मीडिया से बात न करने पर सहमत हुए हैं, इसलिए बातचीत के नतीजों के बारे में आधिकारिक जानकारी का अभी भी इंतजार है.

क्या राष्ट्रपति लेंगे अंतिम फैसला

बैठक के बाद सरकारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे गृह मंत्री मोहसिन नकवी संसद भवन से हाथ में एक दस्तावेज लिए निकलते हुए देखा गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावना है कि वह राष्ट्रपति से सलाह-मशविरा करेंगे. नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मकसद देश में चल रहे राजनीतिक संकट को कम करना था. यह बातचीत PTI के 4 अक्तूबर को प्रस्तावित विरोध मार्च से एक दिन पहले हुई.पीटीआई के संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर निकाला जाना है; यह मार्च पार्टी और केंद्र सरकार के बीच विवाद का नया मुद्दा बन गया है.

कौन-कौन था बैठक में

नेशनल असेंबली के X अकाउंट पर एक पोस्ट के अनुसार, बैठक शुरू होने पर स्पीकर ने उम्मीद जताई कि बातचीत उसी सौहार्दपूर्ण माहौल में आगे बढ़ेगी जैसा शुक्रवार को हुआ था. सरकार की तरफ से नकवी, राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों के मंत्री अमीर मुकाम, संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी, राजनीतिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह और गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी शामिल थे. सीनेटर शेरी रहमान ने MNA सैयद नवीद कमर और एजाज़ हुसैन जखानी के साथ मिलकर PPP का प्रतिनिधित्व किया. विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल में सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास, PTI के अंतरिम चेयरमैन गोहर अली खान, विपक्ष के मुख्य सचेतक अमीर डोगर, MNA असद कैसर, PTI के महासचिव सलमान अकरम राजा और PTI सिंध के अध्यक्ष हलीम आदिल शेख शामिल थे.

केपी सीएम ने दी धमकी

इससे पहले दिन में, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने 4 अक्टूबर को लॉन्ग मार्च करने का अपना पक्का इरादा जताया और कहा कि वे 9 मई, 2023 की घटनाओं को दोबारा नहीं होने देंगे. इसके जवाब में, तारिक फजल चौधरी ने कहा कि KP के मुख्यमंत्री के बयानों से चल रही बातचीत की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है और उन्होंने PTI नेताओं से ऐसी बातें न करने की अपील की. अपने पोस्ट में, मुख्यमंत्री अफरीदी ने कहा कि PTI पाकिस्तान की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी है. पाकिस्तान एक लोकतांत्रिक देश है जिसका संविधान हमें शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है. अपने लॉन्ग मार्च के प्लान के बारे में बताते हुए, अफरीदी ने कहा कि लोगों का हुजूम 4 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे लक्की मरवत के गांधी चौक से अपनी यात्रा शुरू करेगा.

जवाब बिलावल भुट्टो ने दिया

वहीं कराची के एक सम्मेलन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-ज़रदारी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी या गवर्नर शासन लागू करने का मन बना लिया है. हालांकि, उनकी पार्टी ने आतंकवाद से निपटने के लिए बेहतर तरीके से कोई राजनीतिक समाधान खोजने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि हालांकि किसी राज्य में गवर्नर का शासन या इमरजेंसी लागू करना एक संवैधानिक उपाय है, लेकिन PPP का मानना ​​था कि इस संवैधानिक ‘एटम बम’ का इस्तेमाल करने से पहले, राजनीतिक दलों को आतंकवाद से बेहतर तरीके से निपटने के लिए निश्चित रूप से कोई राजनीतिक समाधान खोजना चाहिए.

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