खबर

आज संसद में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा, विपक्ष ने गिनाए 93 संशोधन; सरकार को घेरेंगे राहुल-अखिलेश | anti paper leak bill parliament Jitendra singh BJP vs Congress Rahul Gandhi Amit Shah Monsoon Session



नई दिल्ली:

संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते की शुरुआत भी पहले हफ्ते की तरह ही हंगामेदार रही. लोकसभा में सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कानून को सख्त बनाने वाले बिल को पेश जरूर कर दिया लेकिन हंगामे के कारण दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हो पाया. 

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को इस बिल पर चर्चा हो सकती है. लोकसभा में पेपर लीक बिल पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव बोल सकते हैं. बताया जा रहा है कि बिल में विपक्ष ने 93 संशोधन बताए हैं.

सोमवार को क्यों होता रहा हंगामा?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों के प्रदर्शन खत्म होने के बाद सोमवार को संसद चलने की उम्मीद थी. लेकिन छात्रों पर पुलिस की कथित ज्यादती के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. 

दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष पहले से हमलावर था. रविवार को नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. सोमवार को बिहार पुलिस पर छात्रों पर AK47 से गोली चलाने का मामला सामने आने के बाद विपक्ष और आक्रामक हो गया.

यह भी पढ़ेंः 21 साल की उम्र में बन जाएंगे MP-MLA? समझिए रेवंत रेड्डी की मांग के पीछे का पूरा कानूनी पेच

तीन बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा

सोमवार सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया. 

12 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो सदन ने फिर हंगामा शुरू कर दिया. इसी बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एंटी-पेपर लीक बिल पेश कर दिया. लेकिन हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही फिर 2 बजे तक स्थगित हो गई.

दो बजे फिर कार्यवाही शुरू हुई. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष को सहमति बनाने को कहा. लेकिन हंगामे के कारण सदन फिर 5 बजे तक स्थगित हो गया. लेकिन विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहा और आखिरकार सदन को मंगलवार सुबह तक स्थगित कर दिया गया.

अब आज चर्चा की उम्मीद

लोकसभा में मंगलवार को एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा होने की संभावना है. सूत्रों ने बताया कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म हो गया है. सूत्रों ने यह भी बताया कि मंगलवार को इस बिल पर 6 घंटे चर्चा हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष के दखल के बाद सरकार और विपक्ष के बीच बात बन गई है. मंगलवार से संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलने की संभावना है. सुबह विपक्षी दलों के की बैठक होगी. 

पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे के बाद अब विपक्ष राम मंदिर चढ़वा चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.

यह भी पढ़ेंः Explainer: 2/3 सांसद टूटे तो ‘मर्जर’ या ‘दल-बदल’? क्या है संविधान की 10वीं अनुसूची का पैरा 4, जिसे कपिल सिब्बल ने दी चुनौती

क्या है इस बिल में?

‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ में हर राज्य में पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दो महीने के भीतर जांच पूरी करने का प्रस्ताव है.

इस बिल में पेपर लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. संगठित अपराधों के लिए बिल में कम से कम 7 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए 3 से 5 साल तक की कैद का प्रावधान है, जबकि संगठित रूप से धोखाधड़ी और पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के लिए 5 से 10 साल तक की कैद और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.

यह भी पढ़ेंः नंदन नीलेकणी: देश को दिया ‘आधार’, फिर बने कांग्रेस उम्मीदवार…अब लीक प्रूफ परीक्षाओं के बनाए गए जिम्मेदार




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button