

प्रयागराज:
उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सपा के कद्दावर नेता आजम खाम और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को आज इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. आजम खान और अब्दुल्ला को दो पैन कार्ड वाले मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली है. आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया. अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सजा निलंबित की. दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग को भी अदालत ने नामंजूर कर दिया है.
दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. दोनों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा को निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग करते हुए क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की थी. 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया.
15 अक्टूबर को पूरी हुई थी सुनवाई
आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान द्वारा दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी हुई थी. सुनवाई के बाद जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब गुरुवार को अदालत अपना निर्णय सुनाएगी, जिस पर दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं.
इन सीनियर वकीलों ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ अधिवक्ता एन.आई. जाफरी और अधिवक्ता शाश्वत आनंद ने पक्ष रखा. वहीं शिकायतकर्ता भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से अधिवक्ता शरद शर्मा और नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां की ओर से अधिवक्ता विजय विक्रम सिंह ने अदालत में दलीलें पेश कीं.
क्या है बचाव पक्ष की दलील?
बचाव पक्ष का मुख्य तर्क रहा कि ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा कानून के स्थापित सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है. याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया कि अंतिम अपील के निस्तारण तक उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाई जाए, सजा निलंबित की जाए और उन्हें अंतरिम जमानत दी जाए.
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