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अरुणाचल में बांध परियोजना को लेकर बढ़ते विरोध के बीच CAPF की 30 कंपनियां तैनात, तोड़फोड़ मामले में 21 गिरफ्तार | Arunachal Pradesh Siyiang Valley Dam Project 30 CAPF Company Deployed



अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में प्रस्तावित बांध परियोजना को लेकर चल रहा विरोध अब कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है. हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 30 कंपनियां तीन जिलों में तैनात कर दी हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

अरुणाचल प्रदेश पुलिस के केंद्रीय क्षेत्र के आईजीपी हिबू तमांग ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और महिला बटालियनों के जवानों को तैनात किया गया है. इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पासीघाट में असम पुलिस की तीन बटालियनें भी लगाई गई हैं.

राज्य सरकार बातचीत के लिए तैयार

आईजीपी ने कहा कि राज्य सरकार बातचीत के लिए तैयार है और उन परिवारों से संवाद करने को इच्छुक है, जो प्रस्तावित बांध परियोजना से प्रभावित हो सकते हैं. उनके अनुसार कुछ गांवों के लोगों ने परियोजना की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) के अध्ययन के लिए सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि कुछ ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं. विरोध करने वालों का कहना है कि जब वे बांध परियोजना के पक्ष में नहीं हैं तो फिर अध्ययन की जरूरत ही क्या है.

तमांग ने बताया कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही क्षेत्र में तनाव और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं सामने आने लगी थीं. स्थिति 23 अक्टूबर 2026 को उस समय गंभीर हो गई जब प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवाओं ने बिना किसी नेतृत्व के पासीघाट में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा की और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की. इस मामले में पुलिस ने आठ एफआईआर दर्ज की हैं. अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

किस मुद्दे पर तनाव?

पुलिस के अनुसार प्रस्तावित बांध परियोजना को लेकर विरोध का असर अपर सियांग, सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में देखा जा रहा है. जहां कुछ गांव पीएफआर अध्ययन के पक्ष में हैं, वहीं कई गांव इसके विरोध में खड़े हैं. इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है.

सरकार का कहना है कि वह संवाद के जरिए समाधान चाहती है, लेकिन साथ ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी रहेगी. इसी कारण बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

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