

नई दिल्ली:
उत्तराखंड का अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अंकिता भंडारी के माता-पिता बुधवार को यह मांग करते हुए दिल्ली में इंडिया गेट के पास विरोध प्रदर्शन करने बैठ गए कि जब तक अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति को रोक दिया जाए. राहुल गांधी के अंकिता भंडारी के माता-पिता से इंडिया गेट मिलने जाने के बाद ये मामला और बढ़ गया. राहुल गांधी के साथ कई कांग्रेसी नेता भी इंडिया गेट पहुंच गए. ऐसे में दिल्ली पुलिस ने एहतियातन अंकिता भंडारी के माता-पिता और कुछ कांग्रेसी नेताओं को हिरायत में ले लिया. हालांकि, अंकिता भंडारी के माता-पिता को सुबह छोड़ दिया गया, लेकिन ऋषिकेश के वनतारा रिसॉर्ट से शुरू हुआ ये मामला एक बार फिर राजनीतिक रंग लेने लगा है. हालांकि, धामी सरकार ने कहा है कि उसने इस घटना पर तुरंत एक्शन लिया और आरोपियों को पकड़ा और उन्हें सजा दिलवाई.
क्या है पूरा मामला?
ऋषिकेश के वनतारा रिसॉर्ट में 18 सितंबर, 2022 को 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गयी थी. अंकिता वहां रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बार-बार भाजपा नेता गौतम का नाम इस मामले में कथित वीआईपी के तौर पर घसीटा है. गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया. इसके बाद अंकिता का परिवार इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंच गया.
परिजनों की भावनाओं और मांगों को दिया सम्मान
उधर, धामी सरकार ने दावा किया है कि अंकिता भंडारी मर्डर केस में प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार की पूरी मदद की और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल SIT बनाई गई. ताकि हर पहलू की बारीकी से, निष्पक्ष जांच हो सके और कोई भी दोषी कानून के शिकंजे से बच न पाए. सबूतों को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ा गया ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी हो सके. सिर्फ गिरफ्तारी तक सरकार नहीं रुकी. प्रभावी अभियोजन के लिए सरकारी वकीलों की टीम को मजबूती दी गई, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले. साथ ही पीड़ित परिवार की हर मांग को संवेदनशीलता से सुना गया, उनकी सहायता और सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार संपर्क में रही. राज्य सरकार ने परिजनों की मांग के अनुरूप सरकारी वकीलों में बदलाव किए गए, ताकि वे अपनी बात और अपेक्षाएं न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष रख सकें. इसके साथ ही अंकिता के माता-पिता द्वारा सीबीआई जांच की मांग उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने उनकी मांग पर निर्णय लेते हुए सीबीआई जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया. अंकिता के निधन के बाद परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई.
दोषियों को उम्रकैद की सजा
मामले की जांच के दौरान सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले की पैरवी की. आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई. मामले में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. यह फैसला न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया गया. सरकार की ओर से इस मामले में कानून के अनुरूप कार्रवाई और अभियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. प्रकरण में जमानत संबंधी न्यायिक आदेशों ने भी अपनी भूमिका निभाई.
ये भी पढ़ें:- खटीमा में आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ, कलाकारों ने बिखेरे जनजातीय रंग, CM धामी बोले- विकास से जुड़ रहा समाज
अंकिता के माता-पिता से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा
राहुल और प्रियंका बुधवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की. उन्होंने न्याय की लड़ाई में पूरे सहयोग का भरोसा दिया. इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि चार साल बीतने के बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिला है. राहुल गांधी ने हिंदी में एक पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा- चार साल से भंडारी परिवार को न्याय नहीं मिला, लेकिन ‘एक वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिल गया. आज अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार लेकर अपने घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं. मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं, उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी.
ये भी पढ़ें:- अगर मैं गलत करूं तो मुझे जूते मारे जाएं… उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री ने भरी सभा से क्यों कहा ऐसा? VIDEO





