धर्म

Vinayak Chaturthi 2026: ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी कब ? जानें डेट, सुख-सफलता पाने के लिए इस मुहूर्त में करें पूजा


Pradyumn Vinayak Chaturthi 2026: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम विनायक चतुर्थी का व्रत किया जाएगा. इस बार 18 जून 2026 गुरुवार को है. यह व्रत गृहस्थों के लिये विशेष कल्याणकारी बताया गया है. व्रत में संयम, श्रद्धा एवं पूर्ण भक्ति के साथ गणेश पूजन करने से पारिवारिक सुख, समृद्धि, सन्तति तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है.

आर्थिक संकटों से छुटकारा पाने के लिए विनायक चतुर्थी का व्रत रखने की सलाह देते हैं. इस दिन गणेश जी की पूजा का मुहूर्त क्या है, चंद्रमा के दर्शन क्यों नहीं करना चाहिए सब जानते हैं.

प्रद्युम्न चतुर्थी 2026 मुहूर्त

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 जून 2026 रात 9.38 पर शुरू होगी और अगले दिन शाम 6.58 तक रहेगी. इस दिन पूजा मध्याह्र काल में रखी जाएगी.

चतुर्थी मध्याह्र मुहूर्त – सुबह 10.58 से दोपहर 1.46 तक है.

वर्जित चन्द्रदर्शन का समय – सुबह 08:44 से रात 10:28

प्रद्युम्न चतुर्थी महत्व

पुराणों के अनुसार प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन गणेश पूजा से कार्यों में आने वाली रुकावटें कम होती हैं और नए कार्यों में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है. भगवान गणेश को बुद्धि और ज्ञान का देवता माना गया है, इसलिए विद्यार्थी और कार्यक्षेत्र से जुड़े लोग भी विशेष पूजा करते हैं. बप्पा की आराधना से सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं रहती है. जीवन खुशहाल रहता है.

  • गणेश जी को दुर्वा अर्पित करें – गणपति पूजा में दुर्वा को अत्यंत प्रिय माना गया है. स्नान और पूजा के बाद भगवान गणेश को श्रद्धापूर्वक दुर्वा अर्पित करें. मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाएं कम होती हैं.
  • मोदक या लड्डू का भोग लगाएं – भगवान गणेश को मोदक अत्यंत प्रिय माने गए हैं. पूजा के समय मोदक, बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग लगाकर परिवार में प्रसाद वितरित करें.
  • गणेश मंत्र का जप करें- विनायक चतुर्थी पर गणेश मंत्र जप को शुभ माना गया है. ॐ गं गणपतये नमः॥ इस मंत्र का श्रद्धानुसार 11, 21 या 108 बार जप किया जाता है.
  • गणेश स्तोत्र या गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें – गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ गणेश उपासना में महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे बुद्धि, सफलता और विघ्न निवारण से जोड़ा जाता है.
  • जरूरतमंदों को दान करें- क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र या मीठे पदार्थों का दान शुभ माना जाता है.
  • नए कार्य की शुरुआत करें- गणपति को विघ्नहर्ता माना गया है, इसलिए इस दिन शुभ संकल्प या नए कार्य का आरंभ भी किया जाता है.

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