
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है और यह भर्ती प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर ‘वीबी-जी-राम-जी’ (VB-G-Ram-G) योजना लागू किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती थी, लेकिन नई योजना में राज्य सरकार को कुल खर्च का 10 प्रतिशत हिस्सा खुद उठाना होगा. सीमित संसाधनों वाले राज्य के लिए यह एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ है. मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि यह योजना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है और इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा.
पंचायत घरों के लिए 30 करोड़ की सौगात
ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बैठक में सीएम ने कई अहम फैसले लिए:
राज्यभर में निर्माणाधीन पंचायत घरों को पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराने की घोषणा.
ऊना में बन रहे ‘जिला पंचायत संसाधन केंद्र’ के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने के निर्देश.
महिलाओं और SHG को सशक्त बनाने की पहल
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों (SHG) पर विशेष फोकस कर रही है.
- अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण (Loan) सहायता दी जा चुकी है.
- SHG के उत्पादों की बेहतर बिक्री (मार्केटिंग) के लिए शिमला में ‘हिमाचल हाट’ का निर्माण किया जा रहा है.
- पंडोह और कुल्लू में भी नए शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि धर्मशाला में ऐसा शोरूम पहले से ही चल रहा है.
- आजीविका बढ़ाने के लिए समूहों को फूड वैन उपलब्ध कराई गई हैं और भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी.
CM डैशबोर्ड से जुड़ेंगी योजनाएं
विभाग के कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को सीधे ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ से जोड़ा जाए, ताकि योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो सके और लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे.
इस अहम बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, सचिव सी. पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार और विभागीय निदेशक राघव शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर जारी सियासत के बीच कंगना रनौत का बड़ा बयान, ‘बीजेपी ने कभी भी…’

