
कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और मंजिल पाने का जुनून हो तो बड़ी से मुश्किलें आपका रास्ता नहीं रोक सकती है. इस कहावत को सच कर दिखाया है अंबाला शहर के राहुल धाकड़ ने. सातवीं बार में परीक्षा पास कर राहुल ने लेफ्टिनेंट बनकर न सिर्फ अपने सपने को पूरा किया, बल्कि अपने परिवार और पूरे अंबाला का नाम भी रोशन किया. जब राहुल आज अपने घर पहुंचे तो परिवार और मोहल्ला वासियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया.
बचपन से था सपना देश सेवा का…
बता दें चेहरे पर मुस्कान आंखों में खुशी और दिल में देशसेवा का जज्बा लिए राहुल धाकड़ जब अपने घर पहुंचे, तो परिवार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. हर तरफ बधाइयों का दौर था और माहौल पूरी तरह जश्न में बदल गया. लेकिन राहुल की ये कामयाबी इतनी आसानी से नहीं मिली लेफ्टिनेंट बनने के लिए राहुल ने लगातार मेहनत की और सातवीं कोशिश में परीक्षा पास कर अपने सपने को हकीकत में बदल दिया.

कई बार असफलता सामने आई, लेकिन राहुल ने हार नहीं मानी. हर बार उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और पहले से ज्यादा मेहनत की. जिसका परिणाम आज सबके सामने है. राहुल बताते हैं कि उनका बचपन से ही सपना था भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करेने का, जो आज कठिन परिश्रम के बाद रंग लाया. आज जब उनका सपना पूरा हुआ है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है.
युवाओं के लिए मिसाल
राहुल का कहना है कि अगर हौसले बुलंद हों तो उड़ान जरूर ऊंची होती है. सातवीं कोशिश में मिली ये सफलता उन युवाओं के लिए भी एक मिसाल है, जो एक-दो असफलताओं के बाद अपने सपने छोड़ देते हैं.
आज राहुल के अंबाला पहुंचने पर परिवार और मोहल्ला वासियों में खुशी की लहर है. उनका कहना है आज वे बहुत खुश हैं और राहुल से सभी लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए कि अगर कोई मुकाम हासिल करना है तो उसमें चाहे लाख मुश्किलें आ जाएं, लेकिन हौंसला और जज्बा कम नहीं होना चाहिए.
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