

महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार का दिन अहम रहने वाला है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के आठ सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने बताया कि यह बैठक सोमवार सुबह 11 बजे होगी. इस दौरान महाराष्ट्र से जुड़े विकास कार्यों, लंबित मुद्दों और संसद में चर्चा नहीं हो पा रहे विषयों को प्रधानमंत्री के सामने रखा जाएगा.
महाराष्ट्र के मुद्दों को लेकर PM से मुलाकात
सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे ऐसे हैं जिन पर संसद में विस्तार से चर्चा नहीं हो पा रही है. इन्हीं विषयों को लेकर पार्टी के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री से समय मांगा था. उन्होंने बताया कि आधिकारिक तौर पर समय मिलने के बाद अब प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा. सुले ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करना है.
FCRA बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध
सुप्रिया सुले ने प्रस्तावित FCRA बिल को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान स्वरूप में उनकी पार्टी इस बिल का कड़ा विरोध करती है. उन्होंने मांग की कि सरकार इस बिल को वापस ले. यदि सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी बहस और चर्चा के लिए तैयार है लेकिन बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के ऐसे महत्वपूर्ण कानून नहीं लाए जाने चाहिए.
परिसीमन विधेयक पर अभी टिप्पणी नहीं
परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई विधेयक संसद में आया ही नहीं है. ऐसे में उस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन के दल नियमित बैठकें कर रहे हैं और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार चर्चा चल रही है. विधेयक आने के बाद गठबंधन अपना रुख तय करेगा.
शिवसेना और एनसीपी को लेकर भी रखी बात
सुप्रिया सुले ने कहा कि शिवसेना की स्थापना बाला साहेब ठाकरे ने की थी और उन्होंने उद्धव ठाकरे को अपना उत्तराधिकारी चुना था. इसके बावजूद पार्टी को तोड़ा गया, जिसे उन्होंने संवैधानिक भावना के खिलाफ बताया.
उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी की स्थापना शरद पवार ने की थी लेकिन बाद में उन्हें ही पार्टी से अलग कर दिया गया. उनके अनुसार शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को उनकी मूल पहचान वापस मिलनी चाहिए.
‘गूंगी गुड़िया’ विवाद और SIT जांच की मांग
सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार को लेकर दिए गए ‘गूंगी गुड़िया’ बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का अपमान करने वाली भाषा मराठी संस्कृति के अनुरूप नहीं है और ऐसे बयानों से बचना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कुछ हालिया घटनाओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि पैलेट गन के इस्तेमाल के आदेश और जंतर-मंतर से जुड़े घटनाक्रमों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
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