

राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “राहुल गांधी ने उस दिन जो सत्याग्रह किया, उससे वे एकदम डर गए और बोले कि इसको आगे बढ़ाना ठीक नहीं है. इसके बाद उन्होंने (नरेंद्र मोदी) ने यह तय किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए. मोदी जी अपनी कुर्सी के लिए यह सब कुछ किए. जब छात्र पेपर लीक परीक्षा की गड़बड़ियों की बात कर रहे थे, तब सरकार ने उन्हें सुनने के बजाय अराजक कहा और हर सवाल को राजनीति से जुड़ा बताकर खारिज कर दिया था. महीनों से छात्र सड़कों पर बैठे थे और अपनी बात रख रहे थे, उस वक्त आप उनके पास क्यों नहीं गए?”
उन्होंने आगे कहा कि अगर आप पहले बात किए होते तो, इतने लोग लाठी नहीं खाते. इतने लोग बरबाद नहीं होते. इतने लोग बारिश में नहीं रहते. आपकी सरकार की वजह यह सब भुगतना पड़ा. इसका कारण बीजेपी सरकार और मोदी जी हैं. सबसे बड़ी वजह हमारे गृह मंत्री अमित शाह साहब हैं. अबी वो संसद में क्यों नहीं नजर आ रहे हैं? प्रधानमंत्री भी मुह नहीं खोल रहे हैं. यहां पर दिल्ली में इतनी गड़बड़ हुई, आप होम मिनिस्टर हो, आपका मुह भी नहीं खुल रहा है. क्या किसी ने मुह बंद कर दिया है? देश का नुकसान होने के बजाय, देश की भलाई के लिए आपको बोलना पड़ता है, मुह खोलना पड़ता है.
खरगे ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आप ऐसा करेंगे, तो जो सबक स्टूडेंट ने आपके सिखाया है, उससे डबल सारे विद्यार्थी मिलकर फिर से आपको सबक सिखाएंगे.”





