
पांचाल नरेश द्रुपद ने अपनी पुत्री द्रौपदी के स्वयंवर का आयोजन किया. इस स्वयंवर की चर्चा पूरे आर्यावर्त में फैल गई. द्रौपदी के सौंदर्य, गुणों और तेज की ख्याति दूर-दूर तक पहुंच चुकी थी, इसलिए अनेक राजा और वीर योद्धा इस विशेष अवसर में भाग लेने के लिए उत्सुक थे.

लाक्षागृह की घटना के बाद पांडव ब्राह्मण वेश धारण कर विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर रहे थे. जब उन्हें द्रौपदी स्वयंवर का समाचार मिला तो वे भी पांचाल नगरी पहुंच गए. साधारण वेश में होने के कारण कोई उन्हें पहचान नहीं सका और वे अन्य ब्राह्मणों के साथ सभा देखने पहुंचे.
Published at : 17 Jun 2026 06:00 AM (IST)

