
Last Sawan Somwar 2026 Date: सावन का महीना अंतिम पड़ाव पर है. 30 जुलाई से शुरू हुआ शिव जी का प्रिय माह सावन 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा पर समाप्त हो जाएगा. इस बार श्रावण में 4 सावन सोमवार का संयोग है. सावन सोमवार महादेव की पूजा के लिए अत्यंत प्रभावशाली दिन माना जाता है. मान्यता है कि जो लोग इस दिन विधिवत महादेव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक करते हैं उनके जीवन में चल रही तमाम समस्याओं का निवारण हो जाता है.
जो लोग किसी कारणवश सावन में शिव पूजा नहीं कर पाए हों उनके लिए 24 अगस्त का दिन बहुत खास है. इस दिन सावन का आखिरी सोमवार है. इस दिन कौन से खास संयोग बन रहे हैं, क्या है पूजा का मुहूर्त, कैसे करें महादेव को प्रसन्न जान लें.
आखिरी सावन सोमवार 2026 में कब ?
आखिरी सावन सोमवार 24 अगस्त 2026 को है. अभी तक जो लोग सावन में शिव पूजा नहीं कर पाए हो वो इस दिन महादेव की आराधना कर पूरे सावन में शिवोपासना करने का फल प्राप्त कर सकते हैं.
जलाभिषेक के लिए 2 शुभ मुहूर्त
सावन सोमवार के दिन सुबह 11 बजे तक जलाभिषेक, रुद्राभिषेक का समय श्रेष्ठ माना जाता है. शाम के समय महादेव के मंत्रों का जाप करें, आरती, भोग आदि पूजन करें.
- अमृत का चौघड़िया – सुबह 05:55 – सुबह 07:32
- शुभ का चौघड़िया – सुबह 09:09 – सुबह 10:46
आखिरी सावन सोमवार पर 3 शुभ संयोग
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 24 अगस्त 2026 का दिन कई शुभ ग्रह योगों से खास रहने वाला है. इस दिन सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा, जबकि कर्क राशि में बृहस्पति की स्थिति हंस राजयोग का निर्माण करेगी. इसके साथ प्रीति योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग भी रहेगा. ज्योतिष में इन योगों को शुभ माना गया है. ऐसे में कुछ राशियों के जातकों के लिए यह समय करियर में तरक्की, आर्थिक मजबूती और कारोबार में नए अवसर लेकर आ सकता है.
आखिरी सावन सोमवार पर करें ये काम
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें, व्रत का संकल्प लें और शिव मंदिर जाएं. शिवलिंग पर पहले जल और फिर गंगाजल अर्पित करें. घर में शिवलिंग है तो विधिविधान से घर ही पूजन कर सकते हैं.
- इसके बाद दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक कर सकते हैं. फिर साफ जल से अभिषेक करके बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल अर्पित करें.
- 11 या 21 बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करें.
- 108 बार ऊं नमः शिवाय का जाप करें.
- संतान, विवाह, सुख-समृद्धि या मनोकामना के लिए शिव-पार्वती से प्रार्थना करें.
- सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या फल का दान करें.
- शाम को शिव मंदिर में दीपक जलाकर शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ कर सकते हैं.
1. क्या सावन में शिव पूजा नहीं कर पाए तो आखिरी सोमवार को पूजा कर सकते हैं?
हां, सावन के आखिरी सोमवार को भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा, जलाभिषेक और मंत्र जाप किया जा सकता है. मान्यता है कि सावन में की गई शिव आराधना विशेष फलदायी होती है, इसलिए इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करना शुभ माना जाता है.
2. आखिरी सावन सोमवार पर कौन सा मंत्र जाप करना सबसे शुभ है?
भगवान शिव की पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप किया जा सकता है. श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार 108 बार या इससे अधिक मंत्र का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा शाम के समय शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ भी किया जा सकता है.
3. आखिरी सावन सोमवार पर कौन सा दान करना चाहिए?
इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, फल, वस्त्र या जरूरत की वस्तुओं का दान किया जा सकता है. दान करते समय दिखावे से बचकर श्रद्धा और सेवा भावना रखना महत्वपूर्ण माना जाता है. जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना भी पुण्यदायी माना गया है.
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