
कानपुर जाजमऊ के इलाके में पिछले 4 वर्षों से पंचरौजा मजार से लेकर फिल्टर प्लांट तक की सड़क और नाला अपनी बदहाली के आंसू रो रहे हैं. 500 घरों की आबादी, राहगीर, नमाज़ी और टेनरी कर्मचारी इस नरकीय जीवन को जीने को मजबूर हैं. गड्ढे इतने गहरे हैं कि लोग घायल हो रहे हैं, और बदबू ऐसी कि महिलाएं नाक बंद करके निकलने को मजबूर हैं. जब सभी जिम्मेदार लोगों ने आंखे बंद कर लीं, तब थक-हारकर जनता ने अपनी इस ‘बदबूदार हकीकत’ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया तो विकास तो नहीं आया, लेकिन पार्षदपति महोदय का गुस्सा जरूर ऑन-कैमरा आ गया. वीडियो वायरल होने से नाराज पार्षदपति फकर इकबाल ने जनता को लोकतंत्र का एक नया पाठ पढ़ा दिया है। सड़क पर आकर कहने लगे कि पहले उन्हें समस्या बताओ. अगर वह 24-48 घंटे में काम न करा पाएं, तब आप उनका वीडियो वायरल करने के हकदार हैं.





