खबर

IPS प्रीति चंद्रा की अनसुनी कहानी: किसान की बेटी पत्रकार से बनी लेडी स‍िंघम, अब भरतपुर की IG | ips preeti chandra rajasthan police bharatpur range ig success story


IPS Preeti Chandra:  राजस्थान पुलिस महकमे में हाल ही में हुए 18 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में आईपीएस प्रीति चंद्रा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. 2008 बैच की तेज-तर्रार और अपनी कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर प्रीति चंद्रा को अब सूबे की सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली भरतपुर रेंज का नया आईजी (महानिरीक्षक) नियुक्त किया गया है.

वह वर्तमान आईजी कैलाश चंद्र बिश्नोई की जगह लेंगी, जिन्हें जयपुर मुख्यालय भेजा गया है. लेकिन प्रीति चंद्रा के लिए यह सफर जितना शानदार है, उतना ही उनका अतीत संघर्षों और एक खूबसूरत प्रेम कहानी से भरा रहा है.

क्यों बेहद चुनौतीपूर्ण है यह नई पोस्टिंग?

भरतपुर रेंज का कार्यभार संभालना किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है. इस रेंज के तहत आने वाले जिले दो अलग-अलग तरह के आपराधिक नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं.

मेवात का ऑनलाइन ठगी नेटवर्क (डीग और भरतपुर): यह इलाका देश में साइबर ठगी, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी सिम कार्ड रैकेट का नया गढ़ बन चुका है. 
चंबल के बीहड़ (धौलपुर और करौली): जहां अवैध हथियारों की तस्करी और स्थानीय गैंगस्टर्स का पुराना नेटवर्क सक्रिय रहता है. 

ips preeti chandra rajasthan police bharatpur range ig success story

ips preeti chandra rajasthan police bharatpur range ig success story

सीकर के छोटे से गांव से UPSC की 255वीं रैंक तक

21 अगस्त 1979 को सीकर जिले के छोटे से गांव कूदन में जन्मीं प्रीति चंद्रा एक साधारण किसान परिवार से आती हैं. उनके पिता रामचंद्र सुंडा सेना से सेवानिवृत्त हैं. 

  • सरकारी स्कूल से शुरुआत: प्रीति की 10वीं तक की पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से हुई. इसके बाद सीकर के मारू स्कूल से 12वीं और जयपुर के महारानी कॉलेज से उन्होंने एमए और बीएड किया.
  • पत्रकारिता और शिक्षण: सिविल सेवा में जाने से पहले उन्होंने कुछ समय तक जयपुर में पत्रकारिता भी की और बतौर शिक्षिका भी काम किया.
  • बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में सफलता: साल 2008 में बिना किसी महंगी कोचिंग के, अपने हौसले के दम पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पहले ही प्रयास में 255वीं रैंक के साथ पास की और आईपीएस बनीं.

LBSNAA की दोस्ती, जो बनी जीवनसाथी और फिर कैडर बदला

प्रीति चंद्रा की निजी जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है. जब वह मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंचीं, तो उनकी मुलाकात यूपी के बस्ती निवासी अपने ही बैच के आईपीएस विकास पाठक से हुई. ट्रेनिंग के दौरान दोनों की दोस्ती प्यार में बदली. जब प्रीति के पिता ने उनके लिए रिश्ते ढूंढने शुरू किए, तो प्रीति ने पिता को विकास के बारे में बताया. दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद 2010 में जयपुर में दोनों की शादी हो गई. विकास पाठक को शुरुआत में तमिलनाडु कैडर मिला था, लेकिन प्रीति से शादी के चलते वे अपना कैडर बदलवाकर राजस्थान आ गए. पिछले साल ही इस कॉप-कपल (पति-पत्नी की जोड़ी) को एक साथ डीआईजी पद पर पदोन्नति मिली थी. 

ips preeti chandra rajasthan police bharatpur range ig success story

ips preeti chandra rajasthan police bharatpur range ig success story

चंबल के डकैतों से लोहा लेकर बनीं ‘मर्दानी’

प्रीति चंद्रा को उनकी बेदाग और सख्त कार्यशैली के लिए राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री पुलिस पदक से भी सम्मानित कर चुकी है. उनके करियर के कुछ सबसे बड़े कारनामे इस प्रकार हैं. 

  1. डकैतों का आत्मसमर्पण (करौली): करौली की एसपी रहते हुए उन्होंने खुद चंबल के बीहड़ों में सर्च ऑपरेशन लीड किए, जिससे खौफ खाकर कई लाख के इनामी डकैतों ने सरेंडर कर दिया.
  2. देह व्यापार का खात्मा (बूंदी): बूंदी में एसपी रहते हुए मानव तस्करी और देह व्यापार के रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया और दर्जनों नाबालिग लड़कियों को नई जिंदगी दी.
  3. बीकानेर में रचा इतिहास: वह बीकानेर जैसे बड़े और सामरिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती जिले की पहली महिला एसपी बनीं. 
  4. भ्रष्टाचार पर वार: कोटा एसीबी में रहते हुए उन्होंने घूसखोर अफसरों के खिलाफ बड़े ट्रैप ऑपरेशन्स को अंजाम दिया. 

यह भी पढ़ें- Success Story: आंगनबाड़ी सेविका का बेटा बना SDM, ब‍िना कोचिंग पहले प्रयास में रचा इत‍िहास, प‍िता क‍िसान




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button