धर्म

Ganesh Visarjan 2026: 7वें दिन का गणपति विसर्जन आज, पंचांग अनुसार देखें शुभ चौघड़िया मुहूर्त और नियम


Ganesh Visarjan 2026: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी यानी सोमवार, 14 सितंबर 2026 को घर-घर विराजे भगवान श्री गणेश की विदाई का क्रम जारी है. पारिवारिक परंपराओं के अनुसार सात दिनों के लिए बप्पा की स्थापना करने वाले श्रद्धालु आज, रविवार (20 सितंबर 2026) को सातवें दिन का गणेश विसर्जन कर रहे हैं.

शास्त्रों और हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेश विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें या फिर अनंत चतुर्दशी (11वें दिन) को करने का विधान है.

20 सितंबर 2026: 7वें दिन के विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

ज्योतिष गणना के अनुसार, विसर्जन के लिए चर, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया को सर्वोत्तम माना जाता है. 20 सितंबर 2026 को उपलब्ध प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं (समय स्थानीय पंचांग भेद के अनुसार कुछ मिनट घट-बढ़ सकता है):

सुबह का मुहूर्त: 07:58 AM से 12:32 PM (चर, लाभ और अमृत)

दोपहर का मुहूर्त: 02:03 PM से 03:34 PM (शुभ)

शाम का मुहूर्त: 06:37 PM से 11:03 PM (शुभ, अमृत और चर)

रात्रिकालीन मुहूर्त: 02:01 AM से 03:29 AM (21 सितंबर) (लाभ)

प्रातःकालीन मुहूर्त: 04:58 AM से 06:27 AM (21 सितंबर) (शुभ)

सातवें दिन विसर्जन की परंपरा क्यों?

धर्मग्रंथों और लोक मान्यताओं के अनुसार, गणेशोत्सव में मूर्ति स्थापना का संकल्प अपनी कुल-परंपरा और सुविधा के अनुसार विषम दिनों (3, 5, 7 या 11 दिन) में लिया जाता है.

  • जो परिवार अनंत चतुर्दशी (जो इस वर्ष 25 सितंबर 2026 को है) तक मूर्ति नहीं रखते, वे सातवें दिन विधि-विधान से बाप्पा को विदा करते हैं.
  • विसर्जन का अर्थ भगवान के स्वरूप को जल तत्व में समाहित कर अपने आध्यात्मिक भाव को जागृत रखना है.

अंतिम विदाई और विसर्जन की प्रामाणिक विधि

उत्तरपूजा और आरती: विसर्जन से पूर्व लकड़ी की चौकी पर नया लाल वस्त्र बिछाएं. भगवान गणेश की धूप, दीप, अक्षत, सिंदूर, दूर्वा और मोदक/लड्डू से अंतिम पूजा करें.

क्षमा याचना: सेवा और पूजा में रही किसी भी त्रुटि के लिए भगवान से क्षमा मांगें और अगले वर्ष पुनः पधारने की प्रार्थना करें.

प्रस्थान व विसर्जन: प्रतिमा को चौकी से थोड़ा सा हिलाकर विसर्जन यात्रा आरंभ करें. ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष के साथ निर्धारित जलाशय या नगर निगम द्वारा बनाए गए कृत्रिम कुंड में विसर्जित करें.

पर्यावरण और नागरिक सुरक्षा के दिशा-निर्देश

घर पर विसर्जन: यदि प्रतिमा मिट्टी (शाडू माटी) की है, तो घर के किसी बड़े टब या बाल्टी में शुद्ध जल भरकर विसर्जन करना सबसे सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है. इस जल को बाद में घर के पौधों या क्यारियों में डाला जा सकता है.

स्थानीय नियमों का पालन: प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा तय किए गए कृत्रिम विसर्जन कुंडों का ही उपयोग करें. प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) और रासायनिक रंगों वाली मूर्तियों को सीधे नदियों या समुद्र में विसर्जित करने से बचें.

गणेश विसर्जन 2026: आगामी मुख्य तिथियां

  • 7वां दिन विसर्जन: 20 सितंबर 2026 (रविवार)
  • अनंत चतुर्दशी (मुख्य विसर्जन): 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार)

चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को रात 11:18 बजे से शुरू होकर 25 सितंबर को रात 11:06 बजे तक रहेगी.

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