

EPFO की कर्मचारी पेंशन स्कीम के तहत ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये कर दिया जाएगा. लाखों पेंशनधारक लंबे समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ान की मांग कर रहे थे और उन्हें 7,500 रुपये पेंशन की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने कहा है कि इसे फिलहाल बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है. गुरुवार को लोकसभा में इस बारे में किए गए सवाल पर श्रम और रोजगार मंत्रालय ने जवाब दिया है.
देश के 85 लाख से ज्यादा पेंशनधारकों को ये खबर निराश कर सकती है. दक्षिण दिल्ली से BJP सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के सवाल पर केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री ने कहा कि न्यूनतम पेंशन को फिलहाल 7,500 रुपये करने का कोई फैसला नहीं है.
…तो फिर कितनी मिलेगी न्यूनतम पेंशन?
मंत्री ने बताया कि सरकार EPS फंड की स्थिरता और भविष्य की देनदारियों को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी. संसद में सरकार ने स्पष्ट किया है कि EPS-95 कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम 1,000 रुपये की पेंशन जारी रहेगी. सरकार इसे बनाए रखने के लिए बजटीय प्रावधान भी करती है और कर्मचारियों के पेंशन फंड में योगदान करती है. EPS फंड में नियोक्ता की ओर से 8.33% योगदान और सरकार की ओर से 1.16% योगदान की व्यवस्था है.
मौजूदा समय में EPS-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये है. 1 सितंबर 2014 से ही ये व्यवस्था लागू है. सरकार ने संसद के पिछले सत्र में भी बताया था कि EPS के तहत 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन के लिए केंद्र बजटीय सहायता जारी रखेगा.
पेंशनर्स संगठन का पक्ष
EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के मुताबिक, पेंशनधारक पिछले कई वर्षों से अपनी मांगें सरकार के सामने रखते रहे हैं. कई बार ज्ञापन दिए गए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए, लेकिन बावजूद इन सबके, न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है. ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति का कहना है कि संगठन 7,500 रुपये की मांग को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन के लिए बुनियादी जरूरत मानता है. हालांकि सरकार ने इसपर भविष्य की देनदारियों को भी जरूरी फैक्टर बताया है.
देश में 85 लाख से ज्यादा पेंशनधारक
कुल पेंशनर्स की बात करें तो देश में EPS के तहत 85.84 लाख पेंशनर्स हैं. 31 मार्च 2026 तक का जो सरकारी आंकडा है, वो बताता है कि EPS के तहत 85,84,604 पेंशनर्स मासिक पेंशन ले रहे हैं. इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2026 तक 15,819.28 करोड़ रुपये की पेंशन बांटी गई. पेंशनर्स संगठनों के मुताबिक उनके लिए 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन की सीमा बहुत कम है. उन्हें सरकार से भविष्य में इसे बढ़ाने की उम्मीद लगी हुई है.





