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BRICS में भारत की कूटनीतिक जीत- दुनिया में कहीं भी एकतरफा युद्ध के खिलाफ सहमति, 4 बजे घोषणा पत्र | India and PM Modi diplomatic victory at BRICS 2026 agreement for Stop war in Iran to Ukraine



नई दिल्ली:

BRICS समिट से भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत की जानकारी सामने आई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन में एकतरफा युद्ध के खिलाफ सदस्य देशों के बीच सहमति बन गई है. ब्रिक्स सदस्य देशों की सहमति का साझा बयान आज शाम 4 बजे जारी होने की जानकारी भी सामने आई है. NDTV को पता चला है कि ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र में किसी भी देश का नाम लिए बिना सभी प्रकार की आक्रामकता की निंदा की जाएगी, जो पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर बहुत महत्वपूर्ण है. घोषणापत्र में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि संघर्षों को समाप्त करने के लिए “संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है”.

यह भारतीय कूटनीति और ब्रिक्स शेरपाओं के लिए एक बड़ी जीत है कि वे सभी सदस्य देशों को एक संयुक्त घोषणा पर सहमत करने में कामयाब रहे.

संयुक्त नेताओं की घोषणा के लिए आम सहमति बनाने के लिए शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिक्स शेरपा कई दिनों से रात-दिन मेहनत कर रहे थे, क्योंकि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भाषा को लेकर मतभेद बने हुए थे.

संयुक्त बयान में हर तरह की आक्रामकाता की निंदा

संयुक्त बयान में हर तरह की आक्रामकता की निंदा की जाएगी. मालूम हो कि इस तरह के समिट में सभी सदस्य देशों को एकजुट रखते हुए साझा बयान जारी करना एक बड़ी बात होती है. क्योंकि अलग-अलग सदस्य देशों की अपनी अलग-अलग चिताएं होती हैं. इन चिंताओं के बीच से जंग रोकने पर सहमति बनना एक बड़ी बात है. ऐसे में भारत की मेजबानी में हो रहे इस समिट में सभी सदस्य देशों का एकमत होना बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है.  

SCO के बाद अब BRICS समिट में भी भारत की बड़ी जीत

मालूम हो कि कुछ दिनों पहले दिल्ली में जब ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, उसमें कोई साझा बयान नहीं आ सका था. लेकिन अभी ब्रिक्स समिट से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है कि उसके अनुसार आज शाम 4 बजे ब्रिक्स का साझा बयान जारी किया जाएगा. इससे पहले बिम्सटेक में एससीओ समिट में भी भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत हुई थी. उस समिट में पाकिस्तान की मौजूदगी में यह तय किया गया था कि आतंकवाद के सभी फॉर्म की निंदा की गई थी. 

रक्षा विशेषज्ञ ने बताया- साझा घोषणापत्र जारी होना कितनी बड़ी बात?

साझा घोषणापत्र जारी होना कितनी बड़ी बात होती है. इसे समझाते हुए NDTV से बातचीत में रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन यूके देवनाथ (रिटायर) ने कहा कि किसी समिट से साझा घोषणापत्र जारी होना बड़ी बात है. सभी सदस्य देश यदि एक साथ होकर कोई बात कहेंगे तो यह बड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि इसे इस तरह से भी समझा जा सकता है कि पिछली बार रियो डी जेनेरियो में जब ब्रिक्स समिट हुई थी, तब साझा घोषणा पत्र जारी करने में काफी दिक्कतें आई थी.

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने ब्रिक्स सदस्यों को सहमत करने में सफलता पाई. साझा बयान में ईरान और यूक्रेन का नाम शायद नहीं हो, लेकिन यह बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की एकतरफा लड़ाई को इसमें गलत बताया जाएगा. ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र में आक्रामकता की निंदा की गई है. 

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