

अनंत चतुर्दशी का पर्व भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और गणेश विसर्जन से जुड़ा है. इस दिन भक्त विधि-विधान से पूजा करने के साथ गणपति बप्पा को विदाई देते हैं. धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी विसर्जन के समय परिवार के दुख-दर्द और बाधाएं अपने साथ ले जाते हैं. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इस दिन पूजा और विसर्जन के शुभ समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
25 सितंबर को मनाई जाएगी अनंत चतुर्दशी
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी और 25 सितंबर की रात 11 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, अनंत चतुर्दशी का पर्व 25 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा. इसी दिन गणेश विसर्जन भी किया जाएगा. अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त: सुबह 6:11 बजे से 11:06 बजे तक है.
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गणेश विसर्जन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि गणेश विसर्जन के लिए दिन में कई शुभ समय रहेंगे.
सुबह 6:11 से 10:42 बजे तक
दोपहर 12:13 से 1:43 बजे तक
शाम 4:44 से 6:14 बजे तक
रात 9:14 से 10:43 बजे तक
रात 12:13 से सुबह 4:42 बजे तक
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ये मुहूर्त भी रहेंगे शुभ
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:35 से 5:23 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:37 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:13 से 3:01 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:14 से 6:38 बजे तक
रवि योग: सुबह 6:11 से 11:22 बजे तक
गणेश विसर्जन का क्या है धार्मिक महत्व?
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान भक्त भगवान गणेश को घर में प्रिय अतिथि के रूप में रखते हैं. करीब दस दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना की जाती है और मोदक, फल समेत अन्य चीजों का भोग लगाया -जाता है. ऐसी मान्यता है कि गणपति भक्तों को सुख-समृद्धि और शुभता का आशीर्वाद देते हैं. अनंत चतुर्दशी पर पूरे सम्मान के साथ उनका विसर्जन कर उन्हें विदाई दी जाती है.
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