

नई दिल्ली:
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते मिलिट्री तनाव के बीच भारत सरकार ने शिपिंग कंपनियों से कहा है कि वे होर्मुज रूट पर भारतीय नाविकों को तैनात न करें. यह कदम कमर्शियल जहाजों MT अल बहिया और MT मोम्बासा पर हुए हमलों के बाद उठाया गया है, जिनमें दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे.
खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों और सुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए, भारत के DGMA यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने जहाज मालिकों, जहाज मैनेजरों और रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (RPSL) वाली कंपनियों को सलाह दी है कि वे अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को न भेजा जाए. DGMA का कहना है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई उसके काम का मुख्य हिस्सा है.
कप्तानों को खास निर्देश…
एडवाइजरी में Mombasa B, Al Bahyah, GFS Galaxy, MT WEDYAN और AL REKAYYAT जैसे कमर्शियल जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में हुई इन घटनाओं ने संघर्ष वाले इलाके में काम करने वाले नाविकों और कमर्शियल जहाजों के लिए रिस्क काफी बढ़ा दिया है.
इडवाइजरी में कहा गया, “फारस की खाड़ी इलाके में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, डायरेक्टरेट का मानना है कि इस इलाके में चलने वाले जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों के हितों की सुरक्षा के लिए और ज्यादा सावधानी बरतने वाले उपाय अपनाना जरूरी है.”
Advisory for Indian Maritime Stakeholders
In view of the heightened security situation in the Gulf region, the Directorate General of Maritime Administration (DGMA), through DGMA Circular No. 36 of 2026, has directed Ship Owners, Ship Managers and RPSL Companies to avoid… pic.twitter.com/s8XgKI1ifn
— Directorate General of Shipping, Govt. of India (@dgshipping_IN) July 15, 2026
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DGMA ने फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आस-पास के इलाकों में चलने वाले जहाजों के कैप्टनों को निर्देश दिया है कि वे सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहें, अधिकारियों द्वारा जारी नेविगेशन चेतावनियों, सुरक्षा सलाहों और अपडेट्स पर लगातार नजर रखें और ISPS यानी इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी कोड के मुताबिक सभी लागू शिप सिक्योरिटी उपायों, शिप सिक्योरिटी प्लान (SSP) और कंपनी सिक्योरिटी प्रक्रियाओं को लागू करें.
इसमें कहा गया है, “फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आस-पास के इलाकों में चलने वाले जहाजों के कप्तानों को सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. उन्हें संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी नेविगेशन चेतावनियों, सुरक्षा सलाहों और अपडेट्स पर लगातार नजर रखनी चाहिए और ISPS कोड के मुताबिक जहाज की सुरक्षा के सभी जरूरी उपायों, जहाज सुरक्षा योजनाओं (SSP) और कंपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं को लागू करना चाहिए.”
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एडवाइजरी में आगे कहा गया है जहाज मालिकों, शिप मैनेजर्स और RPSL कंपनियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक भारतीय नाविकों को ऐसे जहाजों पर तैनात न करें जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर सफर कर रहे हों.”
एडवाइजरी में नाविकों और जहाजों से यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी मदद के लिए वे तुरंत DG कम्युनिकेशन सेंटर (MMDAC) या इंडियन नेवी के इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) से संपर्क करें.





