

मध्य प्रदेश में रायसेन जिले के बाद राजधानी भोपाल में भी जमीन में गड़े खजाने के अंधविश्वास में हत्या का मामला सामने आया है. यहां एक पिता ही हैवान बन बैठा और नाबालिग बेटी को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. वारदात में आरोपी पिता का साथ उसके जीजा और तांत्रिक दिया था.
पुलिस ने बताया कि मामला तीन महीने से ज्यादा पुराना है और हत्या के बाद आरोपियों ने बलि देने के चक्कर में हत्या करके शव खेत में दफना दिया था, ताकि सबूत मिटाए जा सकें.
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार, पिता चैनसिंह कुशवाह ने ही सूखीसेवनिया थाने में 3 अप्रैल को बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. उसने शिकायत में बताया था कि वह रात को सोते समय से लापता है. इसके बाद पुलिस जांच में जुट गई, उधर पिता एफआईआर कराने के बाद से लापता हो गया था. फिर 7 मई को पुलिस को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर खेत में कंकाल मिला था, जिसकी पहचान नाबालिग लड़की के तौर पर हुई, जो चैनसिंह की बेटी थी.
गंजबासौदा से पिता गिरफ्तार
फिर पुलिस पिता की तलाश में जुट गई और घटना के तीन महीने बाद तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पिता को गंजबासौदा से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा बरामद कर हत्या, साक्ष्य छिपाने समेत गंभीर धाराएं जोड़ी हैं. हत्या में शामिल चैन सिंह का जीजा और तांत्रिक भी बाद में गिरफ्तार हो गए.
बलि देने की बात कबूली
पूछताछ में आरोपी ने सोना-चांदी के खजाने के लिए बेटी की बलि देने की साजिश कबूल की. उसने बताया कि जीजा और तांत्रिक ने जमीन में गड़े खजाने का लालच दिया था, जिसके लिए विशेष पूजा व तंत्र क्रिया कर बेटी की बलि दे दी.
रायसेन में भी बलि देने का मामला
रायसेन जिले में भी खजाने के चक्कर में एक करोड़पति व्यापारी की कथित’बलि’ देने की घटना सामने आई. गैरतगंज से 6 दिनों से लापता सर्राफा कारोबारी विजय जैन का शव परासिया नदी किनारे मिट्टी में दफन मिला. पुलिस ने 24 घंटे के भीतर अंधविश्वास से जुड़े इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
यहां पढ़ें पूरी खबर- रायसेन में खजाने के चक्कर में करोड़पति व्यापारी की ‘बलि’, नदी किनारे दफन मिला शव, तीन आरोपी गिरफ्तार





