

लखनऊ:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव का आगाज ‘रथयात्रा’ से करने वाले हैं. सितंबर के पहले हफ्ते में वह ‘समाजवादी पीडीए रथ यात्रा’ निकालने वाले हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधानसभा चुनावों से पहले शुरू होने वाली इस रथयात्रा की शुरुआत अखिलेश यादव हिंदूओं के किसी बड़े धार्मिक स्थल से कर सकते हैं. हालांकि वह धार्मिक स्थान कौन सा होगा, फिलहाल इसको लेकर पार्टी आलाकमान मंथन में जुटा है. लेकिन अखिलेश यादव की रथयात्रा के ऐलान के साथ ही यूपी क सियासी पारा गर्माना शुरू हो गया है.
यूपी चुनाव की तैयारियों में जुटे अखिलेश यादव
लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी को अच्छी सफलता मिली थी और यूपी में पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थी. ऐसे में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं. इस बार अखिलेश रथ यात्रा से चुनावी आगाज करना चाहते हैं. सपा यात्रा की शुरुआत किसी बड़े हिंदू धार्मिक स्थल जैसे अयोध्या, मथुरा या वाराणसी से शुरू कर सकती है. इसे सपा के सॉफ्ट-हिंदुत्व के मोर्चे पर भाजपा को घेरने के तौर पर देखा जा रहा है. समाजवादी पार्टी लगातार राम मंदिर दान चोरी के मुद्दे पर भी भाजपा को घेर रही है.
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403 सीटों को करेगी कवर
अखिलेश यादव की रथयात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों और 75 जिलों को कवर करेगी. सियासी गलियारों में चर्चा है कि यात्रा का विशेष फोकस पश्चिमी यूपी के जाट और गुर्जर बहुल क्षेत्रों पररहेगा. जिसमें बुलंदशहर और मुरादाबाद मंडल अहम हो सकता है. क्योंकि समाजवादी पार्टी अभी से नए सामाजिक समीकरण गढ़ने की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव खुद इस यात्रा की कमान संभालने वाले हैं. जबकि सांसद डिंपल यादव, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे, शिवपाल सिंह यादव समेत पार्टी के सभी सांसद विधायक और जिलाध्यक्ष यात्रा की तैयारियों में जुटेंगे. यात्रा की थीम पीडीए पर होगी. जिसमें सरकार यूपी की कानून व्यवस्था पर भी निशाना साधने की तैयारियों में जुटे है.
2027 में होने वाले हैं यूपी में विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश में अगले साल यानि 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जिसके लिए सपा तैयारियों में जुटी है. हालांकि सत्ताधारी बीजेपी ने भी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं. ऐसे में अब अखिलेश की रथयात्रा के ऐलान के साथ ही यूपी में चुनावी माहौल एक साल पहले से ही बनना शुरू हो गया है.
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