धर्म

Gupt Navratri 2026: धन पाना है तो गुप्त नवरात्रि के पहले दिन ऐसे करें मां कामाख्या की पूजा, पूरी होती हैं मनोकामना


गुप्त नवरात्रि के 9 दिन गोपनीय तरीके से माता की साधना होती है. कालिका पुराण के अनुसार मां कामाख्या की आराधना करने से साधक को मनोकामना सिद्धि, संतान सुख, दांपत्य सुख, धन-वैभव और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. तांत्रिक साधना के लिए इनकी पूजा अचूक है.

गुप्त नवरात्रि के 9 दिन गोपनीय तरीके से माता की साधना होती है. कालिका पुराण के अनुसार मां कामाख्या की आराधना करने से साधक को मनोकामना सिद्धि, संतान सुख, दांपत्य सुख, धन-वैभव और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. तांत्रिक साधना के लिए इनकी पूजा अचूक है.

देवी भागवत पुराण के अनुसार असम के नीलांचर पर्वत पर देवी सती का योगि भाग गिरा था, तभी से यहां मां का शक्तिपीठ है. जहां दूर-दूर से लोग तंत्र साधना के लिए आते हैं. गुप्त नवरात्रि में माता के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगती है.

देवी भागवत पुराण के अनुसार असम के नीलांचर पर्वत पर देवी सती का योगि भाग गिरा था, तभी से यहां मां का शक्तिपीठ है. जहां दूर-दूर से लोग तंत्र साधना के लिए आते हैं. गुप्त नवरात्रि में माता के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगती है.

अगर आप शक्तिपीठ नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही मां कामाख्या का स्मरण कर देवी की पूजा कर सकते हैं. प्रातःकाल स्नान कर लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान की सफाई करें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें.

अगर आप शक्तिपीठ नहीं जा पा रहे हैं तो घर में ही मां कामाख्या का स्मरण कर देवी की पूजा कर सकते हैं. प्रातःकाल स्नान कर लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान की सफाई करें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें.

हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर मां कामाख्या का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना का संकल्प लें. माता को लाल फूल, चुनरी, सिंदूर, इत्र, नारियल, पान, खीर अर्पित करें.

हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर मां कामाख्या का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना का संकल्प लें. माता को लाल फूल, चुनरी, सिंदूर, इत्र, नारियल, पान, खीर अर्पित करें.

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कामाख्यायै नमः। मंत्र का जाप करते हुए देवी कामाख्या का स्मरण करें. ये मंत्र 108 बार बढ़ें. ललिता सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं.

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कामाख्यायै नमः। मंत्र का जाप करते हुए देवी कामाख्या का स्मरण करें. ये मंत्र 108 बार बढ़ें. ललिता सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं.

ध्यान रखें देवी की सामान्य पूजा करें, तांत्रिक साधना गुरु के मार्गदर्शन में की जाती है. बिना इसकी दीक्षा लिए तंत्र साधना नहीं करनी चाहिए,

ध्यान रखें देवी की सामान्य पूजा करें, तांत्रिक साधना गुरु के मार्गदर्शन में की जाती है. बिना इसकी दीक्षा लिए तंत्र साधना नहीं करनी चाहिए,

Published at : 15 Jul 2026 09:05 AM (IST)

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