मध्य प्रदेश

धार भोजशाला केस: SC के अंतरिम आदेश पर कांग्रेस MLA आरिफ मसूद बोले, ‘उम्मीद है आगे…’


मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका पर बुधवार (14 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. शीर्ष अदालत ने कहा कि शुक्रवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच नमाज के लिए भोजशाला परिसर के निकट अलग से खुली जगह उपलब्ध कराई जानी चाहिए. अब इस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिक्रिया देते हुए इंसाफ मिलने की उम्मीद जताई है.

सभी सीनियर्स वकीलों ने अच्छी बहस की- आरिफ मसूद

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ”तीनों पिटीशनर सुप्रीम कोर्ट गए थे, सब ने मिलकर शीर्ष अदालत से मांग की थी कि नमाज की इजाजत दी जाए. हमें सुना जाए. इंसाफ दिलाया जाए, इंदौर हाई कोर्ट से हमें जस्टिस नहीं मिला. सभी सीनियर्स वकीलों ने अच्छी बहस की. उम्मीद है कि आगे इंसाफ मिलेगा.” 

अभी फाइनल सुनवाई नहीं हुई है- आरिफ मसूद

उन्होंने आगे कहा, ”अभी फाइनल सुनवाई नहीं हुई है. अभी अदालत ने सिर्फ अंतरिम आदेश पारित किया है वो भी अभी लोड नहीं हुआ है. मैं समझता हूं जब तक कोर्ट का आदेश लोड न हो जाए, उससे पहले कुछ बोलना ठीक नहीं है. वैकल्पिक जगह के सवाल पर उन्होंने कहा, ”वैकल्पिक जगह हमने मांगी ही नहीं है.” 

वो कमाल मौला मस्जिद की ही जगह थी- आरिफ मसूद

कांग्रेस विधायक ये भी कहा कि हमारा जो टाइटल सूट था उसी पर बात कर रहे हैं कि वो कमाल मौला मस्जिद ही थी. वो जगह उसी की है. इसलिए मैं समझता हूं कि अभी अंतरिम फैसले पर बोलना गलत होगा. हमारा तो क्लेम ही यही है कि वो मस्जिद कमाल मौला की ही जगह है. इसी मसले पर तो हम इंदौर हाई कोर्ट गए थे और उसी को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट गए.” 

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

भोजशाला विवाद को लेकर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय के लिए की गई यह व्यवस्था सिर्फ अंतरिम (एड-हॉक) होगी और इस मामले में लंबित याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन होगी. शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विवादित परिसर में अदालत की अनुमति के बिना किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन नहीं करेगा.

हिंदू और मुस्लिम पक्षों से धैर्य बनाए रखने की अपील

सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला विवाद को बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए हिंदू और मुस्लिम, दोनों पक्षों से धैर्य बनाए रखने की अपील की. साथ ही कहा कि वह इस मामले की रोजाना सुनवाई करने और विवाद का समाधान निकालने के लिए तैयार है. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया था कि धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती का मंदिर है. कोर्ट ने कहा कि उसे हर शब्द का प्रयोग अत्यंत सावधानी के साथ करना होगा.

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