
Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर भारी तबाही का कारण बनता नजर आ रहा है. राज्य के लोहित जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने कई गांवों को प्रभावित किया है. शिवाजी नगर और 43 माइल जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं, जहां बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और दर्जनों मकान प्रभावित हुए हैं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका जताई है.
लोहित जिले में फ्लैश फ्लड से कई गांव प्रभावित
अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है. इसी बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई. शिवाजी नगर और 43 माइल गांव सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं. स्थानीय जानकारी के अनुसार शिवाजी नगर में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे करीब 40 मकान किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं. कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

Arunachal Pradesh Flood: बाढ़ का असर
ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों को बताया वजह
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से आसपास की पहाड़ियों में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण प्राकृतिक जलधाराएं और छोटे नाले प्रभावित हुए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि कई जलमार्ग बाधित होने से बारिश का पानी अचानक गांवों की ओर मुड़ गया, जिसके चलते फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बनी. हालांकि प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञ इन दावों की जांच कर रहे हैं.
एसडीआरएफ और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हालात बिगड़ने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया. एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री वितरित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी का काम लगातार चल रहा है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है.

Arunachal Pradesh Flood: भूस्खलन
ऑरेंज अलर्ट जारी, पांच जिले हाई रिस्क ज़ोन में; कई जिलों में येलो अलर्ट भी लागू
मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर ने राज्य के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में ईस्ट सियांग, लोअर सियांग, लोअर दिबांग वैली, लोहित और नामसाई शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
राज्य के अनेक अन्य जिलों में भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. इनमें अपर सुबनसिरी, सियांग, वेस्ट सियांग, लेपारदा, ईस्ट कामेंग, वेस्ट कामेंग, लोअर सुबनसिरी, कामले, पापुम पारे, पाक्के केसांग, चांगलांग, तिरप, लोंगडिंग, अंजाव और दिबांग वैली शामिल हैं. इन क्षेत्रों में भी खराब मौसम और बारिश से जुड़ी परिस्थितियों के अचानक बिगड़ने की आशंका जताई गई है.
भूस्खलन का बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के कारण अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है. पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी कमजोर होने से सड़कें प्रभावित हो सकती हैं. कई संवेदनशील मार्गों पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. विशेष रूप से नदी किनारे बसे गांव, पहाड़ी ढलानों के पास स्थित बस्तियां और संवेदनशील सड़कों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.
केंद्रीय टीम करेगी प्रभावित इलाकों का दौरा
लोहित जिले में आई ताजा फ्लैश फ्लड उस समय हुई है जब केंद्र सरकार की एक उच्चस्तरीय टीम आज बाढ़ प्रभावित अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर पहुंचने वाली है.
नारी-कोयू के विधायक तोजिर काडू ने बताया कि केंद्रीय टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी और स्थानीय लोगों से बातचीत कर नुकसान और स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करेगी. हालांकि खराब मौसम इस दौरे को प्रभावित कर सकता है.
सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे पर असर
लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है. यदि बारिश का यही दौर जारी रहा तो सड़क संपर्क बाधित हो सकता है, ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, बिजली और संचार सेवाओं पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन बढ़ सकता है.
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि भूस्खलन संभावित इलाकों में यात्रा से बचें. नदी और नालों के किनारे न जाएं. मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें. आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करें. बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर रखें.
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