
Yogini Ekadashi Vrat Ke Upay: हिंदू धर्म में प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि यह सारे जगत के नाथ कहलाने वाले भगवान श्री विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है. पंचांग के अनुसार जुलाई महीने की पहली एकादशी यानि आषाढ़ कृष्णपक्ष की एकादशी जिसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है वह 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को पड़ेगी. सनातन परंपरा में योगिनी एकादशी व्रत का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है.
मान्यता है कि जो कोई साधक योगिनी एकादशी व्रत को पूरे विधि-विधान के साथ करता है, उसे 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है. आइए जाने-अनजाने हुए पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति कराने वाली योगिनी एकादशी व्रत से जुड़े सरल सनातनी उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
तुलसी पूजा से जुड़ा करें ये उपाय

हिंदू धर्म में तुलसी को माता लक्ष्मी का ही प्रतीक माना गया है. यही कारण है कि उसे विष्णुप्रिया कहते हैं. ऐसे में योगिनी एकादशी व्रत का पुण्यफल पाने के लिए इस व्रत वाले दिन तुलसी जी की विशेष पूजा अवश्य करें. योगिनी एकादशी में धन-धान्य और सुख-सौभाग्य को पाने के लिए विशेष रूप से तुलसी जी को पीला चंदन अर्पित करें तथा शुद्ध देशी घी का दीया जलाकर आरती करें. तुलसी जी की पूजा करने के बाद साधक को तुलसी जी की परिक्रमा करनी चाहिए.
भगवान विष्णु की इस विधि से करें पूजा

योगिनी एकादशी व्रत वाले दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए साधक को इस दिन स्नान-ध्यान करने के बाद पीले रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए. इसी प्रकार श्री हरि की पूजा में पीले चंदन अथवा केसर का तिलक अर्पित करते हुए पीले पुष्प, पीले वस्त्र, पीले फल, पीले रंग की मिठाई, तुलसी दल आदि अर्पित करते हुए योगिनी एकादशी व्रत का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए. भगवान विष्णु की पूजा में साधक को श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और अंत में आरती जरूर करनी चाहिए.
योगिनी एकादशी पर करें इन चीजों का दान

हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी व्रत का पुण्यफल पाने के लिए दान को उत्तम उपाय माना गया है. ऐसे में साधक को योगिनी एकादशी व्रत वाले दिन जरूरतमंद व्यक्ति अथवा किसी मंदिर के पुजारी को पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़, पीले फल, जल से भरा घड़ा और अपने सामर्थ्य के अनुसार धन का दान करना चाहिए.
मंत्र जप से बरसेगी श्री हरि की कृपा
योगिनी एकादशी व्रत का पुण्यफल पाने के लिए साधक को व्रत वाले दिन खाली समय में तुलसी की माला से भगवान श्री विष्णु के मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.





