
अयोध्या (उप्र):
सोमवार को श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होगी. चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले की जारी जांच के बीच मंदिर परिसर के अंदर ही गेस्ट हाउस में ये बैठक हो रही है. इससे पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ ‘मणिराम छावनी’ में ये मीटिंग होनी थी. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है.
सूत्रों के मुताबिक मीडिया और प्राइवेसी के चलते ट्रस्ट की तरफ से ये फैसला लिया गया कि बैठक राम मंदिर परिसर के अंदर ही गेस्ट हाउस में हो. ट्रस्ट मैम्बर्स की ये मीटिंग 6 जुलाई को शाम 3 बजे होनी है. इसमेंचंपत राय समेत सभी ट्रस्टी बुलाये गए हैं.
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों से चर्चा के लिए मौजूद रहने को कहा है. सूत्रों ने बताया कि गोपाल दास बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार कर सकता है, जिन्होंने चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. अगर उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो बैठक में ट्रस्ट के कामकाज के लिए नई प्रशासनिक व्यवस्था पर भी फैसला हो सकता है. विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.
बैठक के दौरान कथित हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बारे में भी जानकारी दी जा सकती है और राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन ढांचे पर चर्चा हो सकती है.

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सूत्रों ने बताया कि 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए बिना ऑडिट वाली आय-व्यय रिपोर्ट, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय विवरण मंजूरी के लिए पेश किए जाएंगे. सूत्रों ने कहा कि बैठक में राम मंदिर के प्रबंधन की देखरेख के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर भी चर्चा होने की संभावना है.
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सूत्रों ने बताया कि अभी ट्रस्ट में कोई उपाध्यक्ष नहीं है, जो अध्यक्ष की अनुपस्थिति में बैठकों की अध्यक्षता कर सके. पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लेखंडे, उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, अयोध्या के ज़िलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं.

ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कथित गबन के मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं. जहां एक ओर एसआईटी प्रशासनिक जांच कर रही है और उसका कार्यकाल जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है.
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी और पुलिस दोनों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं. हालांकि, ट्रस्ट के इन तीनों पदाधिकारियों में से किसी के भी खिलाफ़ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.
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