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Success Story: ठेले से चाय की दुकान तक का सफर, अनपढ़ अरुण साहू की जिंदगी PM मोदी की इस योजना ने बदल दी | pm svanidhi yojana success story changed life of illiterate Arun Sahu of Ghaziabad fulfilling dreams from tea shop


Success Story: अनपढ़ होने का दंश, पूंजी का अभाव और साहूकारों के भारी ब्याज का डर गाजियाबाद के में रहने वाले 48 साल के अरुण साहू की सफलता में सबसे बड़ा रोड़ा था. लेकिन, कभी रोजमर्रा के खर्चों के लिए संघर्ष करने वाले इस मेहनती शख्स ने ₹10,000 के शुरुआती सरकारी लोन से अपनी सफलता की कहानी गढ़ी और यह सब हुआ प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना से. दरअसल, अरुण साहू को पढ़ना-लिखना नहीं आता है, ऐसे में कोई अच्छी नौकरी कर पाना उनके लिए संभव नहीं था. वे एक ठेले पर चाय की दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठा रहे थे. लेकिन, इनकम कम थी. ऐसे में उन्होंने PM SVANidhi योजना से लोन लिया और अपनी चाय की दुकान का विस्तार किया. अब इस दुकान से वे सामान्य जीवन जीते हुए अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं. इस दुकान से होने वाली इनकम से उन्होंने दो बेटियों और एक बेटे की शादी भी की है. 

पीएम मोदी की योजना ने बदल दी जिंदगी

NDTV से बात करते हुए अरुण साहू कहते हैं कि मेरी जिंदगी को संवारने में पीएम मोदी की योजना का बड़ा योगदान है. इससे मुझे कम ब्याज पर लोन मिला, इन पैसों को मैंने दुकान में लगाया, जिससे मेरी इनकम बढ़ी और मैं चुनिंदा सपने पूरे कर सका. आइए, अब अरुण साहू की कहानी विस्तार से जानते हैं. कैसे उन्हें योजना का लाभ मिला और कैसे उन्होंने लोन लेकर अपने कारोबार को बढ़ाया. 
pm svanidhi yojana: अब इस तरह दुकान चला रहे गाजियाबाद के अरुण साहू.

pm svanidhi yojana: गाजियाबाद के अरुण साहू की सफलता की कहानी. अब इस तरह दुकान चला रहे अरुण.

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कभी परिवार पालना भी मुश्किल था अब

गाजियाबाद के शहीद नगर में रहने वाले 48 साल के अरुण साहू वसुंधरा सेक्टर-15 इंडियन बैंक के पास गुप्ता टी स्टॉल नाम से दुकान चलाते हैं. साल 2015 में उन्होंने एक ठेले पर चाय बेचना शुरू किया, माली हालत ठीक नहीं थी, इस कारण ज्यादा कुछ सामान नहीं रख पा रहे थे. इससे इनकम भी कम थी, हालात ये थे कि परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा था. लेकिन, उसी के सहारे जिंदगी गुजर रही थी. कभी इतना पैसा नहीं हो पाया कि दुकान का विस्तार कर लिया जाए, जिससे इनकम बढ़ सके. ऐसे ही पांच साल गुजर रहे. साल 2020 आया और साथ में लगाया कोरोना जैसे महामारी. 25 मार्च 2020 को देश में लॉकडाउन हो गया, यानी अरुण की इनकम का एकमात्र सहरा का ठेला बंद हो गया. ये उनके लिए बहुत बड़ा झटका था. अब पढ़िए अरुण की कहानी उन्हीं की जबानी. 

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कोरोना काल में खराब हो गए थे हालात

NDTV से बात करते हुए अरुण ने बताया- लॉकडाउन हटने के बाद मैंने चाय का ठेला फिर से शुरू किया, लेकिन आर्थिक स्थिति पहले से और ज्यादा खराब थी. लॉकडाउन की पाबंदी ने बहुत बड़ा झटका दिया था. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की. पता चला कि इस योजना के लिए रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को लोन मिल रहा है. मैं पढ़ा लिखा नहीं था, ऐसे में इसे समझना मेरे लिए मुश्किल था. 
अरुण साहू को मिला पीएम स्वनिधि योजना का प्रमाण पत्र.

गाजियाबाद के अरुण साहू को मिला पीएम स्वनिधि योजना का प्रमाण पत्र.

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पीएम स्वनिधि योजना लाभ कैसे मिला?

अरुण कहते हैं- मैं लोन लेने की कवायद में जुटा था, 2021 में गाजियाबाद नगर निगम की टीम खुद मेरे चाय के ठेले पर आई और प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना का लाभ लेने को कहा. मैंने तुरंत हां कर दी, करीब एक महीने बाद मेरी कार्ड बन गया. साथ ही प्रधानमंत्री का एक पत्र भी मिला. योजना के तहत पहली बार में मुझे 10 हजार रुपये लोन मिला, जिससे मैंने दुकान के लिए कुछ सामान खरीदा. यह लोन चुकाने के बाद 20 हजार रुपये मिले जिससे मैंने एक दुकान बनवाई. इसी तरह फिर 50 हजार और 1 लाख रुपये का लोन लेकर अपनी दुकान को बढ़ाया. इससे मेरी इनकम भी बढ़ने लगी. 

PM SVANidhi योजना कैसे सहारा बनी? 

अरुण साहू कहते हैं मेरे 5 बच्चे हैं, 3 बेटियां और 2 बेटे. इसी चाय की दुकान की इनकम से मैंने दो बेटियों और एक बेटे की शादी की है. जो कुछ कमी रही वो बेटों ने पूरी कर दी. अब मैं इसी दुकान से अपने परिवार का खर्च चला रहा हूं और उनके छोटे-छोटे सपने पूरे कर रहा हूं. साफ शब्दों में कहूं तो PM SVANidhi योजना मेरे लिए ऐसे समय में सहारा बनी, जब मैं बहुत मुश्किल में था. 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया पत्र.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया पत्र.

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अब तक कितने लोगों को मिला? 

इस योजना को 6 साल पूरे हो गए हैं, अब तक योजना के तहत 1.16 करोड़ से अधिक लोगों के आवेदन मंजूर किए गए हैं. जिनमें से 1.14 करोड़ लोगों के खाते में पैसा भेजा जा चुका है. अब तक 18,222 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है. 61 लाख से अधिक लोगों ने लिया हुआ लोन चुका दिया है.




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