मध्य प्रदेश

वीरभद्र सिंह की जयंती पर रिज मैदान में श्रद्धांजलि, राज्यपाल बोले- भेदभाव से ऊपर उठकर किया प्रदेश का विकास


हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह की जयंती मंगलवार को पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में स्थित उनकी प्रतिमा पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे.

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने वीरभद्र सिंह को प्रदेश और देश की राजनीति की एक बड़ी शख्सियत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने कभी जाति-पात, क्षेत्रवाद या किसी प्रकार के भेदभाव की राजनीति नहीं की. सभी क्षेत्रों और वर्गों के लोगों के लिए समान विकास सुनिश्चित किया.

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छह बार मुख्यमंत्री चुना जाना उनकी लोकप्रियता बताती है

राज्यपाल ने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और लोकप्रियता कितनी व्यापक थी. उन्होंने आशा व्यक्त की कि वीरभद्र सिंह के पुत्र और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी पिता के आदर्शों और विकास की सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की सेवा करेंगे.

पिता के मार्ग पर चल रहा हूं- विक्रमादित्य सिंह 

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे उनके दिखाए मार्ग पर चलने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने जिस दूरदर्शिता और समर्पण के साथ हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया, उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि वीरभद्र सिंह की जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रक्तदान शिविर, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर तथा फल वितरण जैसे सेवा कार्य आयोजित किए जा रहे हैं. 

विकास पुरुष के योगदान को याद किया

वीरभद्र सिंह केवल एक राजनेता नहीं बल्कि हिमाचल के विकास पुरुष थे, जिनकी सोच और कार्यशैली आज भी प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी रिज मैदान पर पहुंचकर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद किया .राज्यपाल और मंत्री के अलावा कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों और कांग्रेस नेताओं ने भी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.

इस अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. स्वर्गीय वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति के प्रमुख स्तंभ रहे. उन्होंने प्रदेश को कई महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास कार्यों की सौगात दी. उनकी जयंती को सेवा दिवस के रूप में मनाने की परंपरा अब मजबूती से स्थापित हो चुकी है.

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