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गर्मी से बेहाल हुआ यूरोप, फ्रांस में 2 की मौत, ब्रिटेन में ट्रेन-प्लेन सब लेट, मची त्राहि-त्राहि | Europe under heatwave two dead in France trains and flights delayed in Britain chaos ensues


यूरोप इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) की चपेट में है. कई देशों में तापमान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सहारा मरुस्थल से आ रही गर्म हवाओं और “हीट डोम”  के कारण जून 2026 में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच रहा है. इससे पहले मई का महीना भी यूरोप के इतिहास में सबसे गर्म दर्ज किया गया था. फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 45°C तक पहुंच गया है, जिसके कारण देश के एक-तिहाई हिस्से में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. स्पेन के कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट हैं, और आने वाले दिनों में तापमान 44°C तक पहुंचने का अनुमान है. ब्रिटेन में मई के अंत में ही तापमान 34.8°C से 35°C तक पहुंच गया था, जो सामान्य से बहुत ज़्यादा है. आज 40°C तापमान है. जर्मनी में तापमान 30°C से 39°C के बीच चल रहा है. इटली के रोम और फ्लोरेंस जैसे बड़े शहरों में भी भीषण गर्मी का अलर्ट जारी है.

फ्रांस में 2 बच्चों की मौत

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम एक ‘हीट डोम’ बना रहा है, जो पश्चिमी और मध्य यूरोप के ऊपर गर्म हवा को रोककर रख रहा है, जिससे तापमान दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. फ्रांस में मौसम का सबसे बुरा असर देखने को मिल रहा है; देश के पश्चिमी और मध्य इलाकों में आज तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की आशंका है. आज दोपहर, दक्षिणी फ्रांस के छोटे से शहर कारपेंट्रास में एक कार के अंदर दो बच्चे मृत पाए गए. दो और चार साल की उम्र के ये बच्चे परिवार की एक कार में मिले, जो शहर के ‘बोइस डी’उबैक’ इलाके में एक रिहायशी पार्किंग में खड़ी थी. स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजे के बाद पुलिस को सूचना दी गई.

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कारपेंट्रास शहर की सरकारी वकील हेलेन मोर्जेस ने कहा, “मौत की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन जांच में हीटवेव (लू) को मुख्य कारण माना जा रहा है.” इस शहर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान था.

ब्रिटेन में फोन भी हो सकता है ठप

इस हफ्ते ब्रिटेन में भीषण गर्मी और 40°C तक पहुंचने वाली असाधारण हीटवेव के कारण ‘जान को ख़तरा’ (रेड वॉर्निंग) वाली चेतावनी जारी की गई है. इससे देश में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज हो सकता है. मेट ऑफ़िस की ‘रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भारी रुकावट’ वाली चेतावनी का मतलब है कि सड़कों, ट्रेनों और हवाई यात्रा में बड़ी देरी हो सकती है, क्योंकि गर्मी से सड़कें पिघल सकती हैं और रेल की पटरियां टेढ़ी हो सकती हैं. मौसम का अनुमान लगाने वालों का कहना है कि ‘आबादी की सेहत पर बुरा असर पड़ने की आशंका है’ और साथ ही ‘गर्मी से प्रभावित होने वाले सिस्टम और उपकरण खराब हो सकते हैं, जिससे बिजली और पानी, गैस या मोबाइल फ़ोन जैसी जरूरी सेवाएं भी ठप हो सकती हैं’.

इस बीच, UK हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने इंग्लैंड के ज्यादातर हिस्सों के लिए बुधवार और गुरुवार को हीट हेल्थ अलर्ट को ‘एम्बर’ से बढ़ाकर ‘रेड’ कर दिया है. शुक्रवार के आखिर तक अन्य ‘एम्बर’ हीट हेल्थ अलर्ट भी लागू रहेंगे.

पिछले कुछ सालों में दो लाख मौतें

पिछले कुछ सालों में यूरोप को गर्मी की वजह से बहुत नुकसान हुआ है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के यूरोप ऑफिस ने इस महीने कहा कि पिछले चार सालों में, पूरे महाद्वीप में गर्मी से जुड़ी वजहों से 2,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि अगले पांच सालों में गर्मी के और भी रिकॉर्ड टूट सकते हैं. इंग्लैंड में यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक साइंस के सीनियर रिसर्चर अक्षय देवरास ने कहा कि गर्मी के रिकॉर्ड टूटने की वजह साफ है. उन्होंने कहा, ‘इंसानों की वजह से हो रहे जलवायु परिवर्तन ने इस घटना के लिए आधार तैयार किया है; इसने वातावरण में अतिरिक्त गर्मी बढ़ाई है और तापमान को पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा चरम (extreme) बना दिया है.’ एक स्टडी में पाया गया कि इंसानों की वजह से हुए जलवायु परिवर्तन के कारण मई में पड़ी असामान्य हीटवेव (लू) के दौरान पूरे यूरोप में 1,500 लोगों की मौत हुई.

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स्पेन, जर्मनी, इटली का हाल

स्पेन में, जहां आज मध्य और उत्तर-पूर्वी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है, अधिकारियों ने आइबेरियन प्रायद्वीप और मलोरका के बड़े हिस्सों के लिए ऑरेंज और रेड वेदर वॉर्निंग जारी की हैं. स्पेन के मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि देश में हीटवेव कम से कम हफ्ते के बीच तक जारी रहेगी. स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन (RFEF) ने कहा है कि प्लाजा डी कोलोन में होने वाली स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई है, जहां समर्थक बड़ी स्क्रीन पर स्पेन के वर्ल्ड कप मैच देख सकते थे.

जर्मनी में, जहां तापमान पहले ही 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, DWD मौसम सेवा ने बर्लिन सहित पूर्वी इलाकों में ज़बरदस्त तूफान की चेतावनी दी है; बर्लिन में भारी बारिश की वजह से खुले में होने वाला ‘फेटे डी ला म्यूज़िक’ फेस्टिवल बाधित हुआ. आयोजकों को बर्लिन ओपन के मैदान से लोगों को हटाना पड़ा क्योंकि भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगी थीं, और प्रशंसक अमेरिका की जेसिका पेगुला और चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा के बीच टेनिस टूर्नामेंट के सिंगल्स फाइनल का इंतजार कर रहे थे. रोम में, सेंट पीटर्स स्क्वायर में मौजूद तीर्थयात्रियों ने चिलचिलाती धूप से बचने के लिए छातों का इस्तेमाल किया, जबकि पोप ने अपोस्टोलिक पैलेस की खिड़की से पारंपरिक रविवार की प्रार्थना का नेतृत्व किया. 

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