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खान सर की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार, रोशन आनंद से कोचिंग विवाद में कोर्ट का फैसला | Khan Sir arrest stay remains in effect patna court verdict in the coaching dispute with Roshan Ananad


पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर हुई हिंसक झड़प और फायरिंग मामले में पटना कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है. अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी.रोशन बिंदु से कोचिंग विवाद में पटना कोर्ट में खान सर और उनके सहयोगियों की जमानत पर भी फैसला आ सकता है. बता दें कि 9 जून को पिछली सुनवाई में पटना व्यवहार न्यायालय ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी. शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है.

कोचिंग फायरिंग मामले में पटना पुलिस ने ही खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की थी. इसलिए लोक अभियोजक खान सर के खिलाफ पैरवी कर रहे हैं. हालांकि रोशन आनंद के अधिवक्ता भी कोर्ट में अपनी दलीलें दे रहे हैं. बता दें कि पुलिस ने अपनी केस डायरी में फायरिंग से संबंधित डिटेल मेंशन करते हुए लिखा है कि खान सर के बॉडीगार्ड ने आत्मरक्षा में फायरिंग नहीं की थी बल्कि फायरिंग दहशत फैलाने के मकसद से की गई थी. फायरिंग तब हुई तब मारपीट करने और बोर्ड तोड़ने वाले आरोपी वहां से जा चुके थे. दोनों घटनाओं में 20 मिनट का गैप है. इसलिए आत्मरक्षा की दलील सही नहीं है.

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Photo Credit: NDTV Reporter

पिछली सुनवाई में क्या हुआ था? 

खान सर की जमानत याचिका पर 9 जून को जिला और सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई थी. खान सर की तरफ से अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने पैरवी की थी. वहीं लोक अभियोजक राजेश कुमार ने जमानत का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि खान सर के गार्ड ने इरादतन फायरिंग की. गार्ड प्रदीप कुमार को हथियार उनकी सुरक्षा के लिए मिला था, क्योंकि उनके पिता की हत्या हुई थी. अपनी सुरक्षा के लिए मिले हथियार से वे खान सर की सुरक्षा कर रहे हैं. एक गार्ड की क्रिमिनल हिस्ट्री भी रही है.

खान सर के वकील की दलील

इस पर खान सर की तरफ से अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने कहा था कि खान सर ने गार्ड खुद से नहीं रखे हैं, एजेंसी ने यह गार्ड दिए हैं. इसलिए खान सर के पास इनके क्रिमिनल हिस्ट्री की जानकारी नहीं है. राजेश कुमार ने यह भी कहा कि खान सर पर भी पहले से एक मामला दर्ज है, वे पहले भी कानून व्यवस्था भंग कर चुके हैं. इस पर अरविंद कुमार मऊआर ने कहा कि वह आंदोलन से जुड़ा मामला था. वे किसी अपराध में शामिल नहीं थे. उस मामले का निष्पादन हो चुका है. 

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सोमू आनंद

Reporter

सोमू आनंद बिहार से NDTV के लिए रिपोर्ट करते हैं। बिहार के समाज, राजनीति, पब्लिक पॉलिसी, पर्यावरण, खेती – किसानी, और प्रशासन से जुड़ी खबरें कवर करते है…
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