

सिविल इंजीनियरिंग की तरफ युवा छात्रों की डिमांड फिर से बढ़ी है. सरकार देश में जहां 111 लाख करोड़ नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रही है, वहीं इस सेक्टर को चमकाने के लिए अदाणी ग्रुप लगातार काम कर रहा है. ग्रुप ने अगले पांच सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में करीब 100 बिलियन के बड़े पूंजी निवेश का ऐलान किया है. इसका असर आईआईटी जैसे बड़े संस्थान में स्टूडेंट के चुनाव पर साफ दिखाई दे रहा है. जहां पहले टॉप रैंकर्स की पहली पसंद वाली ब्रांच कंप्यूटर साइंस हुआ करती थी, अब धीरे-धीरे इसकी जगह सिविल इंजीनियरिंग ने ले ली है. आईआईटी बॉम्बे के साथ आईआईटी दिल्ली और आईआईटी रुड़की के आंकड़ों से इस बदलाव का साफ पता चला है.
- आईआईटी बॉम्बे में साल 2025 में सिविल इंजीनियरिंग की ओपनिंग रैंक 2,666 थी. लेकिन इस साल ये सीधे ऑल इंडिया रैंक 385 पर खुल गई. यानी इसमें 2,281 रैंक का जबरदस्त सुधार हुआ.
- आईआईटी दिल्ली में भी कहानी कुछ ऐसी ही है. 2025 में सिविल इंजीनियरिंग की ओपनिंग रैंक 3,030 थी, जो इस साल सुधरकर 179 पर पहुंच गई. यह 2,851
- आईआईटी पटना में सिविल इंजीनियरिंग की डिमांड में 2,978 रैंक का बड़ा उछाल आया.
- आईआईटी रुड़की में भी इस ब्रांच की रैंक 2,454 पायदान ऊपर चढ़ गई.
क्या है अदाणी ग्रुप का कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम?
अदाणी पोर्टफोलियो FY26 इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन और सालाना रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी पोर्टफोलियो ने अगले 5 सालों में करीब 100 बिलियन डॉलर के कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम का प्लान बनाया है. कंपनी के वित्त वर्ष 2026 के नतीजों के अनुसार अदाणी ग्रुप का इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट बेस 7.85 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है. ग्रुप पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर्स में तेजी से काम कर रहा है. भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट और एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स में से एक होने के नाते अदाणी ग्रुप उन कई सेक्टर पर काम कर रहा है, जो इंजीनियरिंग टैलेंट की डिमांड को बढ़ा रहे हैं.
अदाणी ग्रुप दे रहा युवा छात्रों को ग्लोबल मंच
कोर इंजीनियरिंग माने जाने वाली सिविल इंजीनियरिंग में इनोवेश का दौर शुरु हो चुका है. आईआईटी के छात्र के सामने इस सेक्टर में अलग तरह की चुनौंतियां हैं. मसलन डेटा सेंटर्स को पर्यावरण के अनुसार बनाए रखना, ग्रीन एनर्जी के लिए बड़े इंफ्रा तैयार करना और एआई के इस्तेमाल से स्मार्ट सिटीज को बनाना. अदाणी ग्रुप के पास इन चुनौंतियों के साथ काम करने की क्षमता है, जिससे इन युवा इंजीनियरों को ग्लोबल लेवल पर काम करने का अच्छा मौका मिल रहा है.
सरकार की नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन ने ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 111 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का खाका तैयार किया. साथ ही सरकार का सालाना कैपिटल खर्च 11 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, इससे भारत के फ्यूचर ग्रोथ में इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका का पता चलता है.
(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)





