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मेरठ सांप कांड के दोषी रविता-अमरदीप हाईकोर्ट पहुंचे; फांसी की सजा को दी चुनौती, अब 14 दिसंबर को होगी सुनवाई | meerut amit kashyap murder snake case ravita amardeep appeal accepted by allahabad high court



प्रयागराज:

मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोषियों की अपील पर सुनवाई शुरू कर दी है. पति की हत्या के मामले में मौत की सजा पा चुके रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मेरठ की सत्र अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. बुधवार को हुई सुनवाई में अदालत ने अपील को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी. अब इस बहुचर्चित मामले में 14 दिसंबर को अंतिम सुनवाई होगी. इसे ‘सांप कांड’ के नाम से भी जाना जाता है.

हाईकोर्ट ने अपील को किया स्वीकार

NDTV को प्राप्त जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में बुधवार को मामले की सुनवाई हुई. जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की पीठ ने रविता और अमरदीप की ओर से दाखिल अपील को स्वीकार कर लिया. दोनों दोषियों ने मेरठ की सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और फांसी की सजा को रद्द करने की मांग की है. उनकी ओर से अधिवक्ता आदेश कुमार और अधिवक्ता बरखा चौधरी अदालत में पेश हुए.

14 दिसंबर को होगी अंतिम सुनवाई

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को विस्तृत सुनवाई के लिए लिस्टेड करते हुए 14 दिसंबर की तारीख निर्धारित की. कोर्ट ने कहा कि 14 दिसंबर को सुबह 10 बजे मामले में अंतिम सुनवाई की जाएगी. अब हाईकोर्ट मेरठ की निचली अदालत के फैसले, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों की विस्तार से समीक्षा करेगा.

क्या है पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार मेरठ के अकबरपुर सादात गांव निवासी रविता का गांव के ही अमरदीप के साथ प्रेम संबंध था. आरोप है कि जब रविता के पति अमित कश्यप ने इस रिश्ते का विरोध किया तो दोनों ने मिलकर 12 अप्रैल 2025 की रात उसकी हत्या कर दी. जांच एजेंसियों के मुताबिक हत्या के बाद मामले को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई. आरोप है कि शव के ऊपर सांप छोड़ दिया गया था ताकि मौत को प्राकृतिक हादसा साबित किया जा सके.

मेरठ कोर्ट ने सुनाई थी फांसी

पुलिस ने 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया था. मामले की सुनवाई के बाद मेरठ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह ने 16 अक्टूबर 2026 को दोनों को दोषी करार दिया. अदालत ने इस हत्याकांड को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी का मामला मानते हुए दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी. अब दोनों दोषियों की अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, जहां निचली अदालत के फैसले की वैधानिक समीक्षा की जाएगी. मामले की अगली और महत्वपूर्ण सुनवाई 14 दिसंबर को तय की गई है.

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