
वाशिंगटन:
अमेरिका ने ईरान के तेल नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए भारत स्थित एक दंपति और उनसे जुड़ी कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय का आरोप है कि इन लोगों ने ईरान की तथाकथित “शैडो ऑयल फ्लीट” को फर्जी समुद्री पंजीकरण और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए, जिससे प्रतिबंधित जहाजों को अंतरराष्ट्रीय निगरानी और प्रतिबंधों से बचने में मदद मिली. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह नेटवर्क वर्षों से सक्रिय था और ईरानी पेट्रोलियम के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था. अमेरिका की ओर से ये कदम तब उठाया गया है जब ईरान ने भारत समेत चार देशों को हॉर्मुज में आवाजाही करने संबंधी पाबंदियों से छूट दी है.
भारतीय कपल पर अमेरिका का आरोप
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं उनमें भारत में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद शामिल हैं. विभाग का आरोप है कि दोनों ने एक ऐसा नेटवर्क संचालित किया जो प्रतिबंधित जहाजों को फर्जी झंडे (फ्लैग) और समुद्री प्रमाणीकरण उपलब्ध कराता था. इनमें ऐसे जहाज भी शामिल थे जो कथित रूप से ईरानी पेट्रोलियम के परिवहन में लगे थे और ईरान की सैन्य इकाइयों तथा उससे जुड़े समूहों की ओर से संचालित किए जाते थे.

भारतीय दंपति पर एक्शन की जानकारी
Photo Credit: अमेरिका के ट्रैजरी विभाग की पोस्ट
फर्जी समुद्री रजिस्ट्रियों का संचालन करने का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार दंपति ने कथित तौर पर कई फर्जी समुद्री रजिस्ट्री और क्लासिफिकेशन सोसाइटी तैयार कीं. इसके लिए ऐसी वेबसाइटें बनाई गईं जो यह दावा करती थीं कि वे विभिन्न देशों की ओर से समुद्री सेवाएं प्रदान कर रही हैं, जबकि उन देशों ने उन्हें कोई अधिकार नहीं दिया था. अमेरिकी वित्त मंत्रालय का कहना है कि उनकी गतिविधियां कम से कम वर्ष 2014 से जारी थीं. आरोप है कि उन्होंने कैरेबियाई देश डोमिनिका की समुद्री पंजीकरण प्राधिकरण की पहचान का भी इस्तेमाल करने की कोशिश की थी.
कई भारतीय कंपनियां भी प्रतिबंधों के दायरे में
अमेरिका ने दंपति से जुड़ी कई भारतीय कंपनियों को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है. इनमें Oceaniek Technologies India, Aryavart Ship Management Private Limited, Precept Trends Private Limited, Polynesia Maritime Private Limited, Alexarya Finserv Private Limited, Alexarya Media and Entertainment Private Limited, Viharaboating Private Limited और Aryavart Maritime and Educational Trust शामिल हैं. अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इन संस्थाओं का संबंध उस नेटवर्क से था जो प्रतिबंधित जहाजों को पंजीकरण और अन्य समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराता था.
तुर्किये की कंपनी पर भी कार्रवाई
भारत से जुड़े प्रतिबंधों के अलावा अमेरिका ने तुर्किये की कंपनी Fugo Ground Services Inc पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का आरोप है कि यह कंपनी पहले से प्रतिबंधित कई ईरानी एयरलाइंस को ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य सेवाएं उपलब्ध करा रही थी. इनमें Iran Air Tour, Saha Airlines, Sepehran Airlines, Varesh Airlines, Taban Airlines और Ata Airlines Company जैसी एयरलाइंस शामिल हैं.
‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत कार्रवाई
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कार्रवाई Operation Economic Outcast के तहत की गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ईरानी शासन को समर्थन देना जारी रखेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उनका कहना था कि अमेरिका ऐसे नेटवर्कों को निशाना बना रहा है जो तेल तस्करी, प्रतिबंधों से बचने और धन के प्रवाह में मदद करते हैं.
समुद्री उद्योग को भी चेतावनी
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने वैश्विक समुद्री उद्योग को सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग ने कहा कि फर्जी पंजीकरण वाले जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण संबंधी मानकों से बचने की कोशिश कर सकते हैं.
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