

कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक कथित बयान को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है. अखिलेश ने कहा कि अगर किसी ने भगवान श्रीकृष्ण के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की है तो उसके कार्यक्रमों पर हमेशा के लिए रोक लगनी चाहिए.
उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश से बुलडोजर किराये पर लेकर ऐसे आश्रम पर चला देना चाहिए जहां भगवान श्रीकृष्ण के बारे में इस तरह की बातें कही जाती हों.
‘यूपी से बुलडोजर किराये पर ले लेना चाहिए’
अखिलेश यादव ने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण के लिए जिसने भी कहा है, उनके सभी कार्यक्रम हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर देने चाहिए. उन्हें कहीं भी कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी मोहन यादव है. उन्हें यूपी से बुलडोजर किराये पर ले लेना चाहिए और सीधे उस आश्रम पर चला देना चाहिए, जहां भगवान श्रीकृष्ण के बारे में ऐसी बातें कही गई हों.”
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि केवल श्रीकृष्ण ही नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम और उनके पिता को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियों की चर्चा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि खुद को सनातन धर्म का समर्थक बताने वाले लोग ऐसे मामलों पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं. अखिलेश ने कहा, “जो अपने आप को सनातनी कहते हैं, वे बताएं कि ऐसे लोगों के खिलाफ क्या कदम उठा रहे हैं?”
बीजेपी की पदयात्रा पर भी साधा निशाना
धीरेंद्र शास्त्री के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की पदयात्रा पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह “अराजकता की पदयात्रा” है और भाजपा चुनाव जीतने के लिए अराजकता, धांधली और प्रशासनिक दबाव की राजनीति करती है.
अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनावों में अधिकारियों और चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर वोटों की चोरी की जाती है. उन्होंने कहा कि अगर अराजकता देखनी है तो स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की हालत देखनी चाहिए.
अखिलेश यादव ने कहा कि काशी में सैकड़ों निजी अस्पताल पंजीकृत हैं, लेकिन गरीबों को सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने सवाल किया कि जब स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत बढ़ रही है तो सरकारी व्यवस्थाएं कमजोर क्यों हैं.
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