
मध्य प्रदेश के देवास जिले में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की शराब तस्करों ने हत्या कर दी. शराब तस्करी की चेकिंग के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी पर आरोपियों ने शराब लदा ट्रक चढ़ा दिया. इलाज के दौरान दिलीप ने दम तोड़ दिया.
बताया जा रहा है कि अवैध शराब तस्करी की सूचना पर थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर चेकिंग करने पहुंचे थे. यहां उन्होंने चालक को वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा, तभी चालक ने आयशर को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और आगे बढ़ने लगा. वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया.
यह भी पढ़ें: उज्जैन में बड़ा हादसा, होटल के चैंबर में दम घुटने से 4 लोगों की मौत
दो घंटे तक इलाज के बाद दिलीप पुरी की मौत
दिलीप पुरी को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. घटना के बाद आयशर चालक संदलपुर में वाहन छोड़कर फरार हो गया. देवास एसपी आदित्य मिश्रा रात करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे. अब पुलिस की कई टीमें मामले की जांच और फरार चालक की तलाश में जुटी हैं.
TI दिलीप पुरी की हत्या पर भड़की कांग्रेस
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “बीजेपी के शासन में अब पुलिसकर्मी भी शराब माफियाओं के ट्रक से कुचले जा रहे हैं. प्रदेश की जनता जहरीली शराब पीकर जान गंवा रही है, पुलिसकर्मी शराब माफियाओं के ट्रक का शिकार हो रहे हैं और मुख्यमंत्री मोहन यादव जी मौन साधे बैठे हैं. यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.”
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए आगे कहा, “आखिर शराब माफियाओं पर लगाम कसने में आपकी सरकार क्यों नाकाम है? हर बार छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े जिम्मेदारों को क्यों बचाया जाता है? शराब माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है? प्रदेश की जनता इन सवालों का जवाब चाहती है.”
यह भी पढ़ें: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का भगवान कृष्ण पर विवादित बयान, Video वायरल